नई दिल्‍ली: बुधवार को भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत होगी तो क्रिकेट फैन्‍स की निगाहें कई चीजों पर टिकी होंगी. पहला सवाल तो न्‍यूजीलैंड में टीम इंडिया के खराब रिकॉर्ड का है. कीवियों के देश में भारतीय क्रिकेट टीम ने अब तक 31 वनडे मैच खेले हैं, लेकिन इनमें से 10 में ही उसे जीत मिली है. दिलचस्‍प यह देखना भी होगा कि टीम ऑस्‍ट्रेलिया में अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस का सिलसिला जारी रख पाती है या नहीं. लेकिन इन सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण होगा दो बल्‍लेबाजों के बीच आपसी मुकाबला. सीरीज का नतीजा क्‍या होगा, इसमें सबसे अहम भूमिका इन दो बल्‍लेबाजों के बीच आपसी भिड़ंत की होगी. खास बात यह है कि दोनों ही अपनी-अपनी टीमों के कप्‍तान भी हैं.

जी हां, हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली और न्‍यूजीलैंड टीम के कप्‍तान केन विलियमसन की. दोनों अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में मौजूदा दौर के सबसे कंसिस्‍टेंट बल्‍लेबाजों में शामिल हैं. टेस्‍ट मैच हो या वनडे यर फिर टी20, अक्‍सर उनकी बल्‍लेबाजी से उनकी टीमों के भविष्‍य का फैसला होता है. बुधवार से शुरू हो रही सीरीज में एक बार फिर यह देखने को मिल सकता है. इतना ही नहीं, ज्‍यादा संभावना यही है कि इन दोनों बल्‍लेबाजों में से जो ज्‍यादा सफल होगा, उसकी टीम सीरीज पर भी कब्‍जा करने में सफल होगी.

कोहली और विलियमसन के बीच इस भिड़ंत का सबसे बड़ा कारण उनके शानदार रिकॉर्ड हैं. कोहली के नाम 219 वनडे मैचों में 10385 रन दर्ज हैं जिसमें उन्‍होंने 39 शतक और 48 अर्धशतक लगाए हैं. यानी कोहली वनडे मैचों की हर छठवीं पारी में शतक लगाते हैं जबकि औसतन हर पांचवीं पारी में उनके बल्‍ले से हाफ सेंचुरी निकलती है. दूसरी तरफ, केन विलियमसन के नाम 132 वनडे मैचों में 5316 रन हैं जिसमें उन्‍होंने 11 शतक और 35 अर्धशतक लगाए हैं. विलियमसन शतकों के मामले में कोहली से पीछे हैं क्‍योंकि वे औसतन 12 पारियों में शतक लगाते हैं. लेकिन हाफ सेंचुरी के मामले में वे कोहली से आगे हैं. विलियमसन अपनी हर चौथी पारी में अर्धशतक लगाते हैं.

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खास बात यह भी है कि ये दोनों बल्‍लेबाज जब लंबी पारियां खेलते हैं तो अक्‍सर अपनी टीमों के लिए जीत का रास्‍ता प्रशस्‍त करते हैं. कोहली ने जिन 39 मैचों में शतक लगाए हैं, उनमें से 32 में टीम इंडिया को जीत मिली है. विलियमसन के 11 शतकों में से सात उनकी टीम को जीत दिलाने में कामयाब रहे हैं.

रोचक यह है कि इन दोनों खिलाडि़यों को रास आती है. जब अीम की कमान इनके हाथों में होती है, तो इनका प्रदर्शन भी बेहतर होता है. कप्‍तान बनने से पहले विराट कोहली वनडे मैचों में 51.29 की औसत से रन बना रहे थे, लेकिन कप्‍तान बनने के बाद 60 मुकाबलों में उनका बैटिंग एवरेज 85.23 है. कमोबेश यही हाल विलियमसन का भी है. विलियमसन ने कप्‍तान बनने से पहले 74 मैचों में 45.13 की औसत से रन बनाए थे, लेकिन टीम की कमान संभालने के बाद 58 वनडे मैचों में वे 47.46 की एवरेज से रन बना रहे हैं.

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दोनों बल्‍लेबाजों के बीच मुकाबले का अंदाजा आईसीसी की रैंकिंग को देखकर भी मिलता है. टेस्‍ट बल्‍लेबाजों की मौजूदा रैंकिंग में कोहली जहां पहले नंबर पर हैं तो विलियमसन दूसरे नंबर पर. अच्‍छी बात यह है कि साल 2019 में खेले गए मैचों में दोनों का फॉर्म शानदार रहा है. विलियमसन ने इस साल तीन मुकाबलों में दो हाफ सेंचुरी लगाई है तो कोहली एक सेंचुरी के साथ 153 रन बना चुके हैं.

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भारत और न्‍यूजीलैंड की टीमें अपनी पिछले सीरीज जीतने के बाद बुधवार को आमने-सामने होंगी. भारत ने जहां ऑस्‍ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर टेस्‍ट और वनडे सीरीज में पटखनी देकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की तो न्‍यूजीलैंड ने पाकिस्‍तान जैसी मजबूत टीम को हराया है. दोनों टीमें आत्‍मविश्‍वास से भरी हैं. खिलाड़ी अच्‍छी फॉर्म में हैं. बैटिंग, बॉलिंग या फील्डिंग के मामले में किसी भी टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता. ऐसी हालत में कोहली और विलियमसन की बल्‍लेबाजी सीरीज के नतीजे को अकेले दम पर बदलने का माद्दा रखती हैं. अब देखना यह है कि इन दोनों में से किसका बल्‍ला ज्‍यादा आग उगलता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि इन दोनों के प्रदर्शन से यह तय होगा कि मौजूदा दौर में वनडे मैचों में बैटिंग का किंग कौन है.