नई दिल्ली. IPL-11 का एलिमिनेटर मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर खेला गया. इस मुकाबले में KKR ने राजस्थान को 25 रन से हराकर दूसरे क्वालिफायर में सनराइजर्स से भिड़ने का लाइसेंस हासिल किया. ईडन पर टॉस जीतक राजस्थान ने कोलकाता नाइट राइडर्स को पहले बल्लेबाजी के लिए उतारा. इसकी 2 बड़ी वजहें थी, जिसमें पहला है ईडन का इतिहास. ईडन के रिकॉर्ड पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के मुकाबले बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के हक में ज्यादा रहे थे. इस मैदान पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम सिर्फ 29 फीसदी मुकाबले ही जीते हैं जबकि सेकेंड बैटिंग करने वाली टीम खाते में 71 फीसदी मुकाबलों में जीत दर्ज हुई है. दूसरी वजह ये है कि इस मैदान पर आखिरी बार राजस्थान ने KKR को साल 2008 में हराया था और वो मुकाबला इसने सेकेंड बैटिंग करते हुए ही जीता था. यानी, कोलकाता को एलिमिनेट करने की राजस्थान रॉयल्स ने पूरी प्लानिंग कर रखी थी. लेकिन KKR के K-K-R ने रहाणे एंड कंपनी के गेमप्लान पर पानी फेरते हुए अपनी टीम को दूसरे क्वालिफायर में खेलने का हक दिला दिया. Also Read - KKR के बाद अब KXIP ने खरीदी कैरेबियन प्रीमियर लीग की टीम

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अब जरा ये जान लीजिए कि KKR का ये K-K-R है क्या. दरअसल, इसका ताल्लुक कोलकाता नाइट राइडर्स के उन 3 खिलाड़ियों से है जिन्होंने राजस्थान को टूर्नामेंट से एलिमिनेट करने में बड़ा रोल निभाया. ये तीन खिलाड़ी हैं कार्तिक, कुलदीप और रसेल यानी K-K-R. इन तीन खिलाड़ियों का कोलकाता की जीत में योगदान क्या रहा अब जरा वो भी देख लीजिए. Also Read - Pat Cummins engagement with Becky Boston: IPL 2020 के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी ने की सगाई, मंगेतर ने दिखाई रिंग तो...

 ‘K’ यानी कार्तिक

सबसे पहले बात पहले ‘K’ यानी कोलकाता के कप्तान कार्तिक के कदम पर ईडन की क्रीज पर पड़े तो हालात नाजुक थे. KKR का टॉप ऑर्डनर पवेलियन में बैठा था. स्कोर बोर्ड पर रन कुछ खास थे नहीं. लेकिन, इन सबसे बेखबर कार्तिक ने अपना नेचुरल गेम खेला और 38 गेंदों पर 58 रन की कप्तानी पारी खेली. अपनी इस कमाल की पारी के दौरान कार्तिक ने गिल के साथ एक अर्धशतकीय साझेदारी भी की, जिसका असर ये हुआ कि जो मुकाबला एक वक्त पूरी तरह से राजस्थान के गिरफ्त में था उसमें अब KKR ने भी अपनी दावेदारी की मुहर लगा दी थी.

 ‘K’ यानी कुलदीप

अब बात दूसरे ‘K’ यानी कुलदीप की. एलिमिनेटर मुकाबले में कुलदीप ने 4 ओवर की गेंदबाजी में 18 रन देकर 1 बड़ा विकेट राजस्थान के कप्तान अजिंक्य रहाणे का लिया. कुलदीप के इस एक बेशकीमती विकेट ने पूरे मुकाबले का नक्शा और नतीजा ही पलट दिया. कुलदीप ने रहाणे को जब आउट किया तब राजस्थानका स्कोर 14.1 ओवर में 109 रन था यानी मुकाबला अब भी उनकी मुट्ठी में था. लेकिन, इसके बाद अगले 5.5 ओवरों में राजस्थान के बल्लेबाज अपने स्कोर बोर्ड में केवल 35 रन ही और जोड़ सके जिस वजह से जीत की दहलीज लांघना उनके लिए मुश्किल हो गया.

 ‘R’ यानी रसेल

अब बात ‘R’ यानी रसेल की. एलिमनिटेर मुकाबले में KKR की जीत में रसेल की भूमिका प्योर ऑलराउंडर वाली रही. उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से टीम को सहयोग दिया. रसेल ने बल्लेबाजी करते हुए पहले 25 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. उसके बाद विकेट नहीं चटका पाने के बावजूद गेंदबाजी में भी उनका कमाल दिखा, जब पारी का 19वां और सबसे महत्वपूर्ण ओवर डालते हुए उन्होंने सिर्फ 6 रन दिए.