पूर्व दिग्गजों माइकल होल्डिंग और केविन पीटरसन ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा की उनके आक्रामक रवैए को लेकर आलोचना की है। होल्डिंग और पीटरसन का मानना है कि रबाडा ने बार-बार मैदान पर गैर अनुशासनात्मक बर्ताव कर अपनी टीम को निराश किया है। Also Read - Raod Safety World Series: बांग्लादेश लीजेंड्स के खिलाफ जमकर बरसा Kevin Pietersen का बल्ला, इंग्लैंड की एकतरफा जीत

आईसीसी ने हाल ही में रबाडा पर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का विकेट लेने के बाद जश्न मनाने पर एक मैच का बैन लग दिया है। जिस वजह से रबाडा जोहान्सबर्ग में होने वाले चौथे मैच में हिस्सा नहीं लेंगे। Also Read - फिर से क्रिकेट खेलेंगे Kevin Pietersen, इस टीम ने बनाया अपना कप्तान

रबाडा पर इंग्लैंड के कप्तान रूट को बोल्ड कर आक्रामक तरीके से जश्न मनाने के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। साथ ही रबाडा को एक डीमेरिट प्वाइंट दिया गया है, जो कि दो साल के अंदर उनका चौथा प्वाइंट है। जिस वजह से उन पर एक टेस्ट मैच का बैन लगा है। Also Read - 'ऐसी पिच पर खेलते तो 1000 विकेट ले चुके होते अनिल कुंबले' ; युवराज सिंह के इस ट्वीट पर भड़के फैंस

SA vs ENG: विकेट मिलने का आक्रामक जश्‍न मनाने के चलते कगीसो रबाडा पर लगा एक मैच का प्रतिबंध

मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे होल्डिंग मे कहा, “उसे सीखना होगा। आप बार बार एक ही गलती नहीं कर सकते हो। उसे ये समझना होगा कि वो टीम को नुकसान पहुंचा रहा है। दक्षिण अफ्रीका वांडरर्स में बिना रबाडा के खेलेगी, ये बड़ा झटका है।”

होल्डिंग के साथ कमेंटेटेर और पूर्व इंग्लिश कप्तान पीटरसन ने कहा, “उसे किसी बल्लेबाज के पास जश्न नहीं मनाना चाहिए। मुझे फाफ डु प्लेसिस और मार्क बाउचर के लिए बुरा लगता है। दक्षिण अफ्रीका को वांडरर्स में अपने स्ट्राइक गेंदबाज की कमी खलेगी।”

रबाडा पर कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने या मैदान पर गैर अनुशासनात्मक बर्ताव करने के लिए पहले भी कई बार जुर्माना लग चुका है। दो साल पहले रबाडा ने सैंट जॉर्ज पार्क में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान तत्कालीन कप्तानी स्टीव स्मिथ को कंधा मारा था।

उस घटना के बाद रबाडा को दो मैचों के लिए बैन कर दिया गया था और उनके खाते में तीन डीमेरिट प्वाइंट जोड़ दिए गए थे लेकिन इस खिलाड़ी के अपील करने के बाद डीमेरिट प्वाइंट तीन के घटाकर एक कर दिए थे। पहले के तीन अंक और पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट में मिले एक अंक की वजह से ही उन पर एक टेस्ट मैच का बैन लगा।