बल्लेबाजों में अगर विराट कोहली (Virat Kohli) आक्रामकता के प्रतीक हैं तो गेंदबाजों में ये खिताब दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा (Kagiso Rabada) के नाम है। मैदान पर अपने व्यवहार की वजह से रबाडा पर कई बार जुर्माना भी लग चुका है लेकिन इस खिलाड़ी का कहना है कि वो जुनून के साथ खेलते हैं लेकिन अपना आपा कभी नहीं खोते है। Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

रबाडा ने इंडियन प्रीमियर लीग की अपनी टीम दिल्ली कैपिटल्स के साथ इंस्टाग्राम चैट में शुक्रवार को कहा, ‘‘बहुत से लोगों को लगता है कि मैं जल्दी आपा खो देता हूं। मुझे हालांकि ऐसा नहीं लगता, ये सिर्फ जुनून के कारण होता है। इसके अलावा अगर आप छींटाकशी को देखते हैं तो ये खेल का हिस्सा है।” Also Read - कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना पर संदेह, इस अध्ययन में आई ये बात सामने 

उन्होंने कहा, “हर तेज गेंदबाज ऐसा करता है। कोई भी तेज गेंदबाज बल्लेबाज से (खेल के दौरान) अच्छा व्यवहार नहीं नहीं करेगा। इसका मतलब यह नहीं है कि आप निजी या परिवार को लेकर टिप्पणी करे।’’ Also Read - लॉकडाउन के कारण रद्द हुईं उड़ानें, लोगों का पैसा अटका; अब न्यायालय ने केन्द्र और डीजीसीए को भेजा नोटिस

इस साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच से 25 साल के इस गेंदबाज को निलंबित (पिछले 24 महीने में चार डिमैरिट अंक होने पर) कर दिया गया था। सीरीज के तीसरे मैच में जो रूट का विकेट चटकाने के बाद जश्न मनाते हुए इंग्लैंड के इस कप्तान के काफी करीब पहुंच गए थे। रबाडा के निलंबन के बाद दक्षिण अफ्रीका ने उस मैच को गंवा दिया था और इंग्लैंड ने 3-1 से श्रृंखला अपने नाम की।

इस तेज गेंदबाज को दो डिमैरिट अंक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2018 टेस्ट में मिले थे। इसके बाद उन्होंने भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को आउट करने के बाद अपशब्द कहे थे।

रबाडा ने कहा, ‘‘आप विकेट का जश्न मनाते हैं लेकिन मैच के बाद उस खिलाड़ी से हाथ भी मिलाते है और उसके कौशल का सम्मान करते है। ज्यादातर मौके पर मैं उस आक्रामक नहीं होता हूं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है। कभी कभी आपकी भावना आपको इसके लिए उकसाती है। मुझे लगता है ऐसे समय में मैं काफी खतरनाक रहता हूं क्योंकि मैं सोचना छोड़ देता हूं और सब कुछ खुद ब खुद होने लगता है।’’

दिल्ली की टीम से 2017 में जुड़ने के बाद रबाडा ने शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन के दम पर टीम 2019 में सात साल बाद पहली बार प्लेऑफ में पहुंचने में कामयाब रही।

इस दौरान उनकी सबसे अच्छी गेंदबाजी कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ आयी। प्लेऑफ में केकेआर को जीतने के लिए 10 रन चाहिए थे और आंद्रे रसेल बल्लेबाजी कर रहे थे। रबाडा ने इस स्थिति में भी टीम को जीत दिला दी। उन्होंने कहा,  ‘‘मुझे याद है जब मैं उस सुपर ओवर में गेंदबाजी कर रहा था। वो सीजन हमारे लिए शानदार था।’’