न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा कि भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में पहुंचना टीम की पिछले दो वर्ष की प्रगति का प्रमाण है लेकिन वह अपनी टीम को प्रबल दावेदार का ‘टैग’ दिये जाने को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे. विलियमसन की अगुआई वाली टीम निश्चित रूप से न्यूजीलैंड की अब तक की सबसे मजबूत टीम है और कप्तान ने कहा कि डब्ल्यूटीसी फाइनल पिछले 24 महीनों में की गयी उनकी कड़ी मेहनत को आगे बढ़ाने का मौका है.Also Read - WTC के दूसरे चरण के लिए ICC ने अंकों की पुष्टि, जानें- जीत, ड्रॉ और टाई पर मिलेंगे कितने-कितने अंक

विलियमसन ने फाइनल से पहले कहा, ‘‘इस दौरान टीम ने काफी प्रगति की है जिसमें प्रत्येक दिन कई सारी चुनौतियों का सामना किया है लेकिन टीम अब यहां तक पहुंच गयी है और अब इसमें भी आगे बढ़ने (जीत दर्ज करने) की कोशिश करेगी. इतने लंबे समय में काफी कड़ी मेहनत की है, तब यहां डब्ल्यूटीसी फाइनल तक पहुंचे हैं.’’ Also Read - WTC खिताब के एक महीने बाद जश्न मनाएगा New Zealand, देश भर में गदा लेकर घूमेगी कीवी टीम

उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिये रोमांचक है और सिर्फ इस लय को जारी रखने पर ध्यान लगा रहे हैं और अपने मैच में अपनी भूमिका के प्रति प्रतिबद्धता बनाये रखने की कोशिश करेंगे जिससे हमें सर्वश्रेष्ठ मौका मिलेगा, बस खिलाड़ी इसी पर ध्यान लगाये हैं. हम लंबे प्रारूप में हर बार सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं. ’’ Also Read - एक टेस्ट मैच वाला फाइनल रोमांच पैदा करता है लेकिन इससे पूरी तस्वीर बयां नहीं होती : केन विलियमसन

न्यूजीलैंड को आमतौर पर बड़े टूर्नामेंट में छुपेरुस्तम के तौर पर देखा जाता है पर उन्हें शुक्रवार से शुरू होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन विलियमसन इसे इस तरीके से नहीं देखते.

उन्होंने कहा, ‘‘पहले तो हम मैच में खेलने के लिये बेकरार हैं, इसके लिये काफी समय हो गया. जहां तक प्रबल दावेदार के टैग की बात हैं तो हम किस तरह का क्रिकेट खेलेंगे, इस पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और हम यह भी जानते हैं कि भारत दुनिया भर में काफी मजबूत टीम है. उन्हें सर्वश्रेष्ठ टीम कहा जाता है. हम जानते हैं कि इस भारतीय टीम के खिलाफ चुनौती काफी कड़ी है.’’