पूर्व कप्‍तान रहे कपिल देव (Kapil Dev) और मोहम्‍मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) ने बीसीसीआई से यह मांग की है कि वो अंडर-19 विश्‍व कप 2020 के फाइनल में बांग्‍लादेश के खिलाड़ियों के साथ गाली गलौज व हाथापाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों पर सख्‍त कार्रवाई करे.

कपिल देव ने कहा, “मैं चाहूंगा कि बोर्ड उन खिलाड़ियों पर सख्‍त कार्रवाई करे जो फाइनल मैच के दौरान गाली गलौज में शामिल थे. क्रिकेट खेलना विरोधी टीम को गाली देना नहीं है. मुझे लगता है कि बीसीसीआई के पास काफी कारण उपलब्‍ध हैं जिनके आधार पर इन युवाओं से सख्‍ती से निपटा जा सके.

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कपिल देव ने आगे कहा, “मैं उग्र रवैये का समर्थन करता हूं. इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन आपकी उग्रता सीमाओं में होनी चाहिए. आप शिष्टाचार की रेखा को पार नहीं कर सकते हैं. मैं ये कहूंगा कि मैदान पर इन युवाओं का यह व्‍यवहार किसी भी तरह से स्‍वीकार्य नहीं है.”

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मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ने भी कपिल देव की बात को दोहराया. उन्‍होंने कहा, “अगर मैं होता तो इन युवाओं पर सख्‍त कार्रवाई करता, लेकिन साथ ही मैं यह भी जानना चाहता हूं कि सपोर्ट स्‍टॉफ वहां क्‍या भूमिका निभा रहा था. उनका काम इन युवाओं को नियमों के बारे में शिक्षित करना है. इससे पहले की बहुत देर हो जाए, हमें अपने खिलाड़ियों को अनुशासन के दायरे में लाना होगा.”

इससे पहले बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) भी खिलाड़ियों के व्‍यवहार की जमकर आलोचना कर चुके हैं. पेश मामले में आईसीसी की तरफ से भी कड़ा रुख अख्तियार किया गया. कुल पांच खिलाड़ियों पर कार्रवाई की गई, जिसमें दो भारत के थे. हाथापाई करने वाले रवि बिशनोई और आकाश सिंह को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्‍ट का उल्‍लंघन करने पर डिमेरिट प्‍वाइंट्स दिए गए.

बता दें कि बांग्‍लादेश के खिलाफ अंडर-19 विश्‍व कप फाइनल में भारत को हार झेलनी पड़ी थी. पहली बार अंडर-19 विश्‍व कप जीतने वाली बांग्‍लादेश की टीम उत्‍साह में भारतीय खिलाड़ियों से भिड़ गई. दोनों के बीच नौबत हाथापाई तक आ गई.