भारत को 1983 का विश्‍व कप जिताने वाले कप्‍तान कविल देव का मानना है कि रिषभ पंत को अच्‍छा प्रदर्शन करने के लिए अपने खेल में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है. वह अपनी मौजूदा तकनीक से ही अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में कामयाब हो सकते हैं.

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स्‍पोर्ट्स स्‍टार से बातचीत के दौरान कपिल देव ने कहा, “मुझे लगता है पंत को थोड़ा धैर्य से खेलना चाहिए. उन्‍हें केवल बेहद आराम से बल्‍ले काे गेंद से संपर्क करने पर फोकस करना चाहिए। जल्‍दबाजी के चक्‍कर में पंत क्‍यों नजर आते हैं. उन्‍हें केवल खेल का मिजाज समझना होगा. एक कामयाब और हारे हुए खिलाड़ी के बीच बेहद पतली रेखा होती है.”

कपिल देव ने आगे कहा, “अगर गेंद आपके बल्‍ले से अच्‍छे से कनेक्‍ट हो रही है तो आप हीरो हैं. अन्‍यथा आप एक हारे हुए खिलाड़ी हैं. यह एक मुश्किल फैसला होता है, लेकिन आपको निर्णय तो लेना ही होता है.”

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मुझे पता है कि रिषभ पंत चौके और छक्‍के लगा सकता है, लेकिन ऐसा भी वक्‍त आता है जब आपकों न्‍यायसंगत तरीके से निर्णय लेना होता है. मुझे साल 1984 में टेस्‍ट क्रिकेट से ड्राप कर दिया गया था, लेकिन इसके लिए मैं किसी को जिम्‍मेदार नहीं ठहरा सकता हूं. मैंने चयनकर्ताओं को ऐसा मौका दिया जिसके कारण उन्‍होंने मुझे टीम से निकाल दिया. पंत भी फिलहाल ऐसा ही कर रहे हैं. यह केवल समय की बात है कि कब वो अपनी फॉर्म में वापस लौटते हैं. हमें उनका समर्थन करना होगा.”