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मोनाको। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव चाहते हैं कि हार्दिक पंड्या अपनी बल्लेबाजी पर अधिक मेहनत करे क्योंकि एक ऑलराउंडर के रूप में यह उनका मुख्य कौशल है. पंड्या ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में 93 रन बनाए लेकिन इसके बाद किसी भी प्रारूप में वह अर्धशतक तक नहीं बना पाए. किसी भी प्रतिभाशाली ऑलराउंडर की तुलना कपिल से करना एक चलन बन गया है और विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि पंड्या बिना किसी दबाव के खेले. Also Read - ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया में ऑलराउंडर खिलाड़ियों की कमी

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कपिल ने पीटीआई से साक्षात्कार में कहा कि उसने (पंड्या) ने अपने खेल की झलक दिखा दी है. उसके पास प्रतिभा और योग्यता है. किसी के साथ भी तुलना करने से उस पर दबाव बनेगा. मैं चाहता हूं कि वह खुलकर खेले और अपने खेल का पूरा लुत्फ उठाए. कपिल के मुताबिक हर ऑलराउंडर दो में से एक कौशल में मजबूत होता है और पंड्या मुख्य रूप से बल्लेबाजी ऑलराउंडर है.

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उन्होंने कहा कि मैं उसे उसके एक कौशल के दम पर टीम में देखना चाहूंगा चाहे वह गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी. उसे अपनी बल्लेबाजी पर थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी क्योंकि वह बल्लेबाजी ऑलराउंडर है. अगर वह बल्लेबाजी में थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करता है तो उसके लिए गेंदबाजी आसान हो जाएगी और ऐसा ऑलराउंडरों के साथ होता है. कपिल ने कहा कि पंड्या अभी काफी युवा है और सभी उससे कुछ ज्यादा उम्मीद लगा रहे हैं.

कपिल ने कहा कि हमने बहुत जल्दी उससे काफी उम्मीद लगा दी है लेकिन मुझे लगता है कि उसके पास एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने की योग्यता है. उसे हालांकि एक ऑलराउंडर के रूप में सफलता अर्जित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. अगले साल के विश्व कप के बारे में कपिल ने कहा कि भारत को खिताब जीतने के लिए वर्तमान कप्तान विराट कोहली की आक्रामकता और उनके पूर्ववर्ती महेंद्र सिंह धोनी की शांतचितता की जरूरत पड़ेगी.

कपिल ने कहा कि अगर आपके पास ऐसा संयोजन बन सकता है तो उसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि आपको कोई ऐसा चाहिए जो शांतचित हो और खेल को भी समझे और कोई बहुत आक्रामक हो. उन्होंने कहा कि लेकिन अगर हर कोई आक्रामकता अपनाता है तो फिर यह मुश्किल होगा. इसी तरह से अगर सभी शांतचित हो जाते हैं तो यह भी मुश्किल है. इसलिए अगर आपके पास आक्रामकता और शांतचितता का संयोजन हो तो मुझे लगता है कि इससे टीम को मदद मिलेगी.