महान भारतीय क्रिकेटर कपिल देव (Kapil Dev) ने गुरूवार को शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के कोविड-19 महामारी के लिए धन जुटाने के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के सुझाव को खारिज करते हुए कहा कि भारत को धन की जरूरत नहीं है और क्रिकेट मैच के लिए जिंदगियों का जोखिम लेने की जरूरत नहीं है। Also Read - ECB की रोटेशन पॉलिसी की वजह से अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन नहीं खेल पा रहे हैं कप्तान जो रूट: कुक

अख्तर ने बुधवार को पीटीआई से बात करे हुए बंद स्टेडियम में सीरीज कराने का प्रस्ताव दिया था और कपिल ने कहा कि ये संभव नहीं है। कपिल ने पीटीआई से कहा, ‘‘उनकी अपनी राय है लेकिन हमें धन जुटाने की जरूरत नहीं है। हमारे पास काफी है। हमारे लिए इस समय एक चीज अहम है कि हमारा प्रशासन मिलकर इस संकट से कैसे निपटता है। मैं टीवी पर राजनेताओं के काफी आरोप प्रत्यारोप देख रहा हूं और ये भी रूकना चाहिए।’’ Also Read - 'WTC Final से पहले अभ्यास की कमी के वजह से भारतीय पेस अटैक को नुकसान हो रहा है'

उन्होंने कहा, ‘‘वैसे भी बीसीसीआई ने इस महामारी के लिए काफी बड़ी राशि (51 करोड़ रूपये) दान दी है और अगर जरूरत पड़ती है तो वो इससे भी ज्यादा दान दे सकता है, उसे इस तरह धन जुटाने की जरूरत नहीं है। हालात के इतनी जल्दी सामान्य होने की संभावना नहीं है और क्रिकेट मैच आयोजित करने का मतलब है कि अपने क्रिकेटरों को जोखिम में डालना जिसकी हमें जरूरत नहीं है।’’ Also Read - WTC Final: डेल स्टेन ने कहा- बेहतर तरीके से स्ट्राइक रोटेट कर सकते थे चेतेश्वर पुजारा

अगले छह महीनों तक नहीं हो कोई भी खेल आयोजन

कपिल ने कहा कि कम से कम अगले छह महीनों तक क्रिकेट मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, ‘‘ये जोखिम लेने के लायक नहीं है। और आप इन तीन मैचों से कितनी राशि जुटा सकते हो। मेरे विचार से आप अगले पांच से छह महीनों तक क्रिकेट के बारे में सोच भी नहीं सकते। ’’

उन्होंने कहा कि इस समय ध्यान सिर्फ जिंदगियां बचाने पर और गरीबों की देखभाल करने का होना चाहिए जिन्हें लॉकडाउन में काफी मुश्किल हो रही है।

कपिल ने कहा, ‘‘जब चीजें सामान्य हो जायेंगी तो क्रिकेट शुरू हो जायेगा। खेल देश से बड़ा नहीं हो सकता। इस समय गरीबों की देखभाल की जरूरत है, उनके साथ इस लड़ाई में जो लोग लगे हैं जैसे अस्पताल के कर्मचारी, पुलिस और अन्य लोग।’’