भारतीय बल्लेबाज करुण नायर (Karun Nair) का कहना है कि वो ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) के साथ खेलने और इस सीनियर खिलाड़ियों से खेल के बारे में नई चीजें सीखने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। Also Read - 'मुझे टीम इंडिया में नहीं लेंगे चयनकर्ता क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं बूढ़ा हूं'

बता दें कि नायर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पिछले दो सीजन से किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) के लिए खेल रहे हैं। वहीं मैक्सवेल जो कि पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स (DC) में शामिल थे, उन्हें पंजाब फ्रेंचाइजी ने 10.75 करोड़ की भारी कीमत पर IPL 2020 नीलामी के दौरान अपनी स्क्वाड में शामिल किया। Also Read - हरभजन सिंह ने टीम इंडिया में वापसी की भरी हुंकार, बोले- T20 तो खेल ही सकता हूं

नायर ने कहा, “ग्लेन मैक्सवेल से मिलने और उनके साथ खेलने का इंतजार कर रहा हूं। मैंने उनके खिलाफ खेला है और उन टीमों में रहा हूं जहां मैंने उनका आक्रामक अंदाज देखा है। इसलिए मैं ये देखने के लिए वो क्या करते हैं और कैसे ट्रेनिंग करते हैं और कैसे खुद को मैच के लिए तैयार करते हैं ये सीखने के लिए उत्साहित हूं।” Also Read - पाकिस्तानी कोच और मुख्य चयनकर्ता की ICC से गुहार, T20 वर्ल्ड कप को लेकर जल्दबाजी में ना करे कोई फैसला

उन्होंने आगे कहा, “उनसे क्रिकेट के कुछ कौशल सीखने और खेल को लेकर बातचीत करने में कुछ खराबी नहीं है। इन विदेशी खिलाड़ियों से सीखने के लिए कितना कुछ है और अगर आप एक को भी चुनेंगे तो ये आपको अपने खेल को सुधारने में बेहद मदद करेगा।”

हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है लेकिन उम्मीद है कि बीसीसीआई साल के आखिर में टूर्नामेंट का आयोजन करेगी। जहां नायर की मैक्सवेल के साथ खेलने की ख्वाहिश पूरी हो सकेगी। वैसे मैक्सवेल अकेले खिलाड़ी नहीं है जिनसे नायर क्रिकेट के नए गुर सीखना चाहते हैं।

कर्नाटक का ये खिलाड़ी किंग्स इलेवन पंजाब के नए कोच और मेंटोर अनिल कुंबले (Anil Kumble) के साथ काम करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “जब वो टीम इंडिया के कोच थे तो मुझे उनके मार्गदर्शन में खेलने का सम्मान मिला। मैंने उनके कार्यकाल में ही अपना डेब्यू किया और ये ऐसा कुछ है जिसे मैं हमेशा याद रखना चाहूंगा क्योंकि जिस कोच के समय आप डेब्यू करते हैं वो जिदंगी भर के लिए खास बन जाता है।”

नायर ने आगे कहा, “वो बैंगलोर से हैं और उन खिलाड़ियों में से हैं जिनका मैं अनुसरण करता हूं। आप उनसे ये सीखना चाहते हैं कि वो मैदान के अंदर या बाहर किसी स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। अगर आप देखें तो वो बहुत एकाग्र और दृढ़ निश्चयी शख्स हैं। जब वो खेलते थे, तब भी वो भारत के लिए अपना काम करने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध थे। बतौर कोच भी वो वैसे ही हैं।”

टीम इंडिया में बतौर कोच कुंबले के साथ काम करने के अनुभव पर नायर ने कहा, “वो खिलाड़ियों के साथ बहुत अच्छी तरह से संवाद करते हैं और उन्हें बताते हैं कि वो उनसे क्या उम्मीद करते हैं। वो आपको भूमिकाएं सौंपते हैं और आपसे अपेक्षा करते हैं कि आप उन्हें पूरा करेंगे। वो अपने साथ आक्रामकता लाएंगे और टीम पर पूरा ध्यान लगाएंगे, हम इसका इंतजार नहीं कर सकते।”