इंग्‍लैंड के पूर्व ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान (Graeme Swann) को खुलकर यह बात स्‍वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है कि वो पूर्व कप्‍तान केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) से नफरत करते हैं। स्‍वान का यह भी मानना है कि पीटरसन भी उन्‍हें पसंद नहीं करते हैं. पिंक पॉडकास्‍ट से बातचीत के दौरान ग्रीन स्‍वान ने माना कि जब भी हम देश के लिए खेलते थे तो अपनी निजी सोच से खेल प्रभावित नहीं होने देते थे. Also Read - ग्रीम स्‍वान बोले- ग्‍लेन मैक्‍सवेल को खूब पैसा दिया गया लेकिन वो अब रिटर्न नहीं कर रहे हैं

उन्‍होंने कहा, “हम उस इंग्लिश टीम में साथ थे रही नंबर-1 रही. टीम में हमेशा ही व्‍यक्ति खेलते हैं. 99 प्रतिशत यह व्‍यक्ति टीम के लिए अपनी भूमिका निभाते हैं.” Also Read - 'धोनी के संन्यास के बाद नंबर-7 की जर्सी को रिटायर करे BCCI'

केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) को इंग्‍लैंड के सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाजों में गिना जाता है. वो टीम में विवादित शख्सियतों में से एक रहे. साल 2008 में उन्‍हें कप्‍तानी का मौका मिला. उन्‍होंने तीन टेस्‍ट और 10 वनडे में इंग्लिश टीम का नेतृत्‍व किया. कोच पीटर मूरस से विवाद के बाद उन्‍हें पद से हटना पड़ा था. Also Read - 'राहुल द्रविड़ के उस एक ई-मेल ने मेरी जिंदगी बदल दी, तब से मेरे सामने एक नई दुनिया थी'

वहीं, ग्रीम स्‍वान (Graeme Swann) ने इंग्‍लैंड के लिए कुल 60 टेस्‍ट मैच खेले, जिसमें उन्‍होंने 255 विकेट अपने नाम किए. स्‍वान ने कहा, “भले ही मेरे केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) से कितने भी विवाद रहे हों लेकिन उनकी बल्‍लेबाजी की शानदार योग्‍यता के कारण मैंने हमेशा उन्‍हें टीम में लिए जाने का समर्थन किया था.”

“हम दोनों कुछ हद तक एक जैसे ही रहे. पेशेवर तौर पर वो टीम में बहुत से खिलाड़ियों से अच्‍छा था. हम एक दूसरे को खुलकर नापसंद करने के बावजूद काफी सच्‍चे भी थे. हम दोनों ही एक दूसरे को टीम में देखना चाहते थे.”

पीटरसन ने अपने करियर में 104 टेस्‍ट में 8,181 रन बनाए. इसी तरह 136 वनडे में उनके नाम 4,440 रन रहे. “मैं पीटरसन को टीम में इसलिए देखना चाहता था क्‍यों उसने काफी रन बनाए थे. वो दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाजों में से एक था.”

बता दें कि साल 2013-14 में पैदा हुए एक विवाद के बाद केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) को टीम से बाहर कर दिया गया था. बताया जाता है कि उन्‍होंने तत्‍कालीन कप्‍तानी एंड्रयू स्‍ट्रॉस और कोच एंडी फ्लॉवर की मुखालफत करने वाले मैसेज साउथ अफ्रीका के खिलाड़ियों के साथ साझा किया थे. 2013-14 में ऑस्‍ट्रेलिया से 0-5 से सीरीज हारने के बाद जब उक्‍त मामले का खुलासा हुआ तो उन्‍हें टीम से बाहर कर दिया गया था.