नई दिल्ली : पूर्व कप्तान केविन पीटरसन का मानना है कि इंग्लैंड का गर्म मौसम विश्व कप में उपमहाद्वीप की टीमों के लिये मददगार होगा लेकिन पिचें मेजबान की मदद करेंगी. पीटरसन ने कहा कि पिछली गर्मियों में बारिश बिल्कुल भी नहीं हुई. उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत के खिलाफ 2000 में टेस्ट खेलना शुरू किया. पहले दिन विकेट हरा भरा था लेकिन दूसरे दिन सूख गया. बारिश नहीं हुई लेकिन नमी थी जो बाद में सूख गई.’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली गर्मियों की तरह मौसम रहा तो उपमहाद्वीप की टीमों को काफी फायदा होगा. वैसे हरी भरी पिचें इंग्लैंड के गेंदबाजों की मदद करेंगी.’’ पीटरसन ने हालांकि कहा कि वेस्टइंडीज की तरह गेंद स्विंग करेगी तो इंग्लैंड को मुश्किल हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज की तरह अगर गेंद सीम और स्विंग लेती है तो मुश्किल आ सकती है.’’

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महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का मानना है कि वेस्टइंडीज ने अपनी धरती पर हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन विश्व कप में लगातार अच्छा खेलने वाली टीम ही जीतेगी. उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला से आशा की किरण जगी है लेकिन हमने घर में अच्छा खेला है. अब हमारे पास ऐसी टीम है जो घरेलू हालात को बखूबी समझती है लेकिन चार महीने पहले हालात बहुत खराब थे. हमने कुछ प्रगति की है. इंग्लैंड में हालांकि हमें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा.’’

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श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने कहा कि विश्व कप से पहले श्रीलंका क्रिकेट में इतने सारे बदलावों से वह खुश नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप की तैयारी साल भर पहले शुरू हो जाती है और हमें टीम संयोजन पता रहता है. इस बार विश्व कप टीम तय करने के लिये घरेलू टूर्नामेंट रखा गया है जो बताता है कि कितनी अस्थिरता है.’’