1992 वर्ल्ड कप में लड़े और फिर बहुत अच्छे दोस्त बन गए मैं और मियादाद: Kiran More

1992 वर्ल्ड कप में किरण मोरे और जावेद मियादाद एक-दूसरे से जुबानी जंग में भिड़ गए थे.

Published date india.com Published: June 2, 2021 11:33 AM IST
1992 वर्ल्ड कप में लड़े और फिर बहुत अच्छे दोस्त बन गए मैं और मियादाद: Kiran More
1992 वर्ल्ड कप में जावेद मियादाद और किरण मोरे (तस्वीर: Twitter)

भारत और पाकिस्तान की टीमें ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 1992 वर्ल्ड कप में भिड़ रही थीं. सिडनी में खेला गया यह मैच में टीम इंडिया ने 43 रनों से अपने नाम किया था. लेकिन आज भी इस मैच से ज्यादा चर्चा भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे (Kiran More) और जावेद मियादाद (Javed Miandad) की लड़ाई को लेकर होती है. इस तनावपूर्ण मैच में दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे की स्लेजिंग कर रहे थे और बाद में अंयायर डेविड शेफर्ड को दखल देना पड़ा था.

पाकिस्तान की टीम यहां 217 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी थी. जावेद मियादाद ने यहां 110 गेंदों पर 40 रन बनाए थे और उन्हें जवागल श्रीलनाथ ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा. हाल ही में किरण मोरे यूट्यूब शो कर्टली एंड करिश्मा शो (Curtly & Karishma Show) में बतौर गैस्ट आए तो उन्होंने इस 29 साल पुराने लम्हे को फिर याद किया. मोरे ने इस नोंक-झोंक के बाद मैं और मियादाद दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए.

किरण मोरे ने उस मैच की यादों को याद करते हुए कहा, ‘तब मियादाद की पीठ में दर्द था और वह गेंदबाजों को फुल लेंथ बॉलिंग करने के लिए कह रहे थे, बजाए कि शॉर्ट पिच गेंदों के ताकि उन्हें तकलीफ न हो. इस दौरान मियादाद शब्दों के आदान-प्रदान में भी जुट गए.’

58 वर्षीय मोरे ने बताया, ‘तब मियादाद बोल रहे थे, चिंता मत करो यह मैच हम आसानी से जीत लेंगे. तब मैंने कहा था बहाड़ में जाओ! यह मैच हम ही जीतेंगे. इसके बाद उनके खिलाफ सचिन तेंदुलकर की बॉलिंग पर लेग स्टंप बाहर जाती गेंद पर अपील हुई. तब वह मुझे गुस्से से देखने लगे. मैंने उन्हें कहा चुप कर, उन्होंने भी मुझे कहा तू चुप कर.’

इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने आगे कहा, ‘इसके बाद उनके खिलाफ रन आउट का चांस आया तो मैंने उछलकर गिल्लियों को उड़ा दिया. और फिर वह उछल-उछल कर मेरी नकल उतारने लगे. तो मैंने भी उन्हें कुछ कहा. मैंने ग्लब्स अपने मुंह के सामने रखे और मियादाद को कुछ कहने लगा, जिससे अंपायर न सुने. इसके बाद अंपायर जावेद के पास आए और उन्होंने कहा कि तुमने फिर दोबारा ऐसा किया तो मैं तुम्हें मैदान के बाहर भेज दूंगा.

अपने इंटरनेशनल करियर में 49 टेस्ट और 34 वनडे खेलने वाले मोरे ने कहा, ‘इस घटना के बाद मैं और मियादाद बहुत अच्छे दोस्त बन गए. इसके बाद जब मैं पाकिस्तान दौरे पर गया था, तो उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया. हम दोनों ने एकसाथ अच्छा समय बिताया और हम खूब हंसे.’

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