नई दिल्ली. IPL-12 के दूसरे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने सनराइजर्स हैदराबाद का चैलेंज है. ये मुकाबला कोलकाता के गढ़ में है. इसके बावजूद उसके लिए ये चैलेंज बड़ा है. इसकी दो वजहें हैं. पहला, डेविड वॉर्नर का कमबैक और दूसरा हैदराबाद की टीम में शामिल कोलकाता के दो पूर्व सितारे. बैन के बाद टीम में अपनी वापसी के साथ ही वॉर्नर ने हल्ला बोलने का एलान किया है तो वहीं SRH में शामिल दो एक्स-नाइट राइडर्स को ये बखूबी पता है कि KKR की कमजोरी क्या है और ताकत क्या है.

KKR के सामने वॉर्नर का चैलेंज

डेविड वॉर्नर का बैन 28 मार्च को खत्म हो रहा है. लेकिन अपने बैन से पहले IPL में वो बड़ा धमाका करना चाहते हैं. वॉर्नर की कप्तानी में सनराइजर्स 2016 और 2017 का IPL खिताब जीत चुकी है. यही नहीं इन दोनों सीजन में वो अपनी टीम के टॉप स्कोरर भी रहे. बॉल टेंपरिंग को लेकर लगे बैन की वजह से वो IPL 2018 में नहीं खेल सके थे. लेकिन, 2019 में वो फिर से दम दिखाने को बेताब हैं. वॉर्नर इस बार सनराइजर्स के कप्तान नहीं होंगे लेकिन एक बल्लेबाज की हैसियत से उनसे पूरे हंगामें की उम्मीद होगी.

SRH की टीम में नाइट राइडर्स!

नाइट राइडर्स के गढ़ में सनराइजर्स का रिपोर्ट कार्ड कुछ अच्छा नहीं रहा है. ईडन पर KKR के खिलाफ खेले 7 मुकाबलों में SRH को सिर्फ 2 में ही जीत मिल सकी है. लेकिन, इसके बावजूद हैदराबाद का हौसला सातवें आसमान पर है तो इसकी वजह है युसूफ पठान का पावर और शकीब अल हसन का हरफनमौला अंदाज. इन दोनों खिलाड़ियों ने अभी तक जितना आईपीएल सनराइजर्स के खेमें में रहकर नहीं खेला उससे ज्यादा ये कोलकाता के लिए खेल चुके हैं. पठान ने सनराइजर्स के प्रैक्टिस मैच में अपना पावर भी दिखाया जब उन्होंने 200 से भी ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन पीटकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी.

सनराइजर्स की गेंदबाजी दमदार

सनराइजर्स की ताकत उसकी सधी गेंदबाजी भी है, जहां पेस बैटरी के इंचार्ज भुवनेश्वर कुमार हैं तो स्पिन की कमाल संभालते दिखेंगे राशिद खान. टीम के कप्तान केन विलियम्सन के पहले मैच में खेलने की संभावना कम है. ऐसे में भुवनेश्वर कुमार टीम की कप्तानी कर सकते हैं.


कोलकाता भी कम नहीं

दूसरी ओर दिनेश कार्तिक भी अपनी टीम से उसका बेस्ट निकलवाना चाहेंगे. अपने घर में कोलकाता के पास खेलने का एडवांटेज तो है ही इसके अलावा टॉप ऑर्डर में क्रिस लिन, कार्लोस ब्रेथवेट, और आंद्रे रसेल जैसे बड़े हिटर कभी भी उसकी गाड़ी को पटरी पर लाने में सक्षम हैं. इसके अलावा गेंदबाजी में कुलदीप और पीयूष चावला की गुगली कभी भी हैदराबाद का गेम बिगाड़ती दिख सकती है.