नई दिल्ली. अश्विन की कमान में किंग्स इलेवन पंजाब ने क्रिकेट के जिन नियमों की बदौलत IPL-12 में अपना पहला मैच राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीता था, KKR के खिलाफ सीजन के दूसरे मैच में वही नियम उसके लिए हार की वजह बन गए. पहले मैच में राजस्थान के इनफ़ॉर्म बल्लेबाज जोस बटलर को आउट करने के लिए पंजाब के कप्तान अश्विन ने क्रिकेट के रूल बुक से मैनकेडिंग नियम का इस्तेमाल किया था. हालांकि, KKR के खिलाफ वो और उनकी टीम ये भूल गई कि 30 गज के घेरे के अंदर 3 नहीं 4 प्लेयर होने चाहिए.

गलती की सजा हार है!

अब इस भूल का खामियाजा पंजाब को कैसे भुगतना पड़ा और कैसे वो इनकी हार की वजह बना, जरा वो समझिए. दरअसल, पंजाब की फील्डर्स वाली गलती ने कोलकाता के पहले मैच के हीरो रहे विस्फोटक आंद्रे रसेल को जीवनदान दे दिया. 17वें ओवर में शमी की यॉर्कर पर रसेल जब बोल्ड हुए थे तब वो 4 गेंद पर सिर्फ 3 रन बनाए हुए थे. लेकिन जीवनदान के बाद उन्होंने अगली 12 गेंदों पर 45 रन और ठोक दिए. नतीजा ये हुआ कि पंजाब ने 20 ओवर में 218 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिय़ा, जो कि IPL में ईडन पर बना सबसे बड़ा स्कोर भी था.

KKR बना विजेता

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब ने भी पलटवार अच्छा किया. मिडिल ऑर्डर में मयंक के अर्धशतक, मिलर के नाबाद अर्धशतक और मंदीप की 220 की स्ट्राइक रेट से खेली आतिशी पारी की बदौलत पंजाब ने लक्ष्य भेदने की पूरी कोशिश की पर टारगेट से 28 रन पहले थम गई. नतीजा, ये रहा कि KKR मुकाबले का विजेता बना और पंजाब को अपनी गलती की कीमत चुकानी पड़ी.

पंजाब के कप्तान आर. अश्विन ने हार का सारा जिम्मा लेते हुए कहा कि एक छोटी गलती की बड़ी कीमत हमें चुकानी पड़ी. बता दें कि इस सीजन KKR ने लगातार अपना दूसरा मुकाबला जीता है वहीं पहला मैच जीतने के बाद पंजाब को अपने दूसरे मैच में हार से दो-चार होना पड़ा है.