कोरोना वायरस के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां एडिशन अनिश्चिकाल तक के लिए टाल दिया गया है. पहले इसका आयोजन 29 मार्च से होना था लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसकी मेजबानी के लिए सितंबर-अक्टूबर की विंडो की कोशिश कर रहा है. कोविड-19 के बाद खिलाड़ियों को तैयार करना भी फ्रेंचाइजी के लिए मुश्किल काम है. Also Read - आईपीएल में रिकॉर्ड करार के बावजूद जिंदगी नहीं बदली : पैट कमिंस

कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर का कहना है कि इस लंबे लॉकडाउन के बाद खिलाड़ियों को तैयार करना उनके सहयोगी स्टाफ के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी. Also Read - टी20 फॉर्मेट में फिट होने के लिए अपने खेल में जरूरी बदलाव करता : सौरव गांगुली

मैसूर ने फिक्की द्वारा आयोजित एक वेबीनार में कहा, ‘यह मुश्किल समय है. इस कठिन दौर में सहयोगी स्टाफ के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी कि खिलाड़ियों को तैयार कैसे किया जाए क्योंकि वे इस दौरान इतने सक्रिय नहीं थे.’ Also Read - आकाश चोपड़ा ने गांगुली की दुखती रग पर रखा हाथ, 'IPL के शुरुआती दौर में कोच ने दादा से....'

उन्होंने कहा, ‘सहयोगी स्टाफ और बैकअप स्टाफ सभी तैयार हैं. सहयोगी स्टाफ की ओर से काफी चर्चायें हुईं कि टीम के हिसाब से हमें क्या करना होगा.’

इस विषय पर लगातार हो रही चर्चा 

मैसूर ने कहा, ‘खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए काफी ‘वन ऑन वन’ चर्चायें हो रही हैं जबकि कुछ सीमायें हैं जैसे हमें जिम में जाने की अनुमति नहीं है. हालांकि काफी जोश है. हम सभी की परीक्षा होगी.’

यहां तक कि जब खेल बहाल होंगे तो वे दर्शकों के बिना खाली स्टेडियम में होंगे. मैसूर से इसके बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘हितधारकों के लिए यह काफी बड़ा मौका होगा. स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता सीमित रखने की बाधा होती थी लेकिन अब मैच पूरी दुनिया के लिए होंगे. अब प्रशंसकों की ‘वर्चुअल’ मौजूदगी होगी. हमारे सामने एक दिलचस्प मौका होगा.’