दो साल तक अपने खेल से दूर रहीं भारत की युवा ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने शतरंज की बिसात पर धमाकेदार वापसी की है. मां बनने के बाद हंपी ने 2016 से 2018 तक शतरंज से ब्रेक ले लिया था.

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32 वर्षीय हंपी ने रूस के मॉस्को में आयोजित वर्ल्ड महिला रैपिड चैंपियनशिप 2019 का खिताब जीत लिया है. शनिवार को हंपी ने ब्लिट्ज प्लेऑफ में चीन की लेई तिंगजी को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. विजेता का फैसला प्लेऑफ के जरिए हुआ.

दूसरी ओर, नार्वे के वर्ल्ड चैंपियन मैगनस कार्लसन ने तीसरी बार पुरुषों का खिताब अपने नाम किया.

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फिडे की ओर से जारी बयान में हंपी ने कहा, ‘ जब मैंने तीसरे दिन अपना पहला गेम शुरू किया था तब मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि मैं टॉप पहुंच जाउंगी. मुझे टॉप-3 में जगह बनाने की उम्मीद थी. मैंने टाई ब्रेक में खेलने की उम्मीद नहीं की थी. मैं पहला गेम हार गई थी लेकिन दूसरे गेम में मैंने वापसी की. वह एक जुआ की तरह था. लेकिन मैंने उसे जीता. फाइनल गेम में मैं अच्छी स्थिति में थी और मैंने आसानी से जीत गई.’

हंपी ने 12 दौर में प्रत्येक में नौ अंक जुटाए जिससे वह तिंगजी के साथ बराबरी पर थीं. दोनों के बीच फिर आर्मेगेडोन गेम से विजेता का फैसला हुआ. हंपी ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में वापसी की और फिर निर्णायक गेम में खिताब जीता.