लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) के बचपन के कोच कपिल पांडे (Kapil Pandey) का कहना है कि इस भारतीय स्पिन गेंदबाज को टीम मैनेजमेंट की ओर से जरूरी समर्थन नहीं मिल रहा है, जिसका प्रभाव उनके प्रदर्शन पर पड़ रहा है।Also Read - भारत की टी20 वर्ल्ड कप टीम में Kuldeep Yadav को मिलना चाहिए मौका: Muttiah Muralitharan

आईएएनएस से बातचीत में पांडे ने कहा, “हम तीन चीजों के बारे में बात करते हैं जो एक खिलाड़ी को सफल बनाने में जाते हैं – अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प। लेकिन हम दो चीजों को अनदेखा करते हैं – अवसाद और मनोबल, जो उस खिलाड़ी को प्रभावित कर सकता है जिसे टीम मैनेजमेंट से समर्थन नहीं मिल रहा हो या मौके नहीं दिए जा रहे हों। कुलदीप के साथ यही हो रहा है।” Also Read - IND vs SL: डी सिल्वा-करुणारत्ने ने दिलाई श्रीलंका को जीत, Kuldeep Yadav की मेहनत बेकार, तस्वीरों में देखें मैच के खास पल

पिछले 16 महीनों में सिर्फ एक टेस्ट, तीन वनडे और एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाने वाले चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव के पास भारत की टी20 विश्व कप टीम में जगह बनाने का समय अब खत्म हो रहा है। Also Read - टेस्ट की तुलना में बेहतर वनडे-टी20 खिलाड़ी हैं पृथ्वी शॉ; धवन के साथ उनकी जोड़ी लाजवाब : मुथैया मुरलीधरन

ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज उनके लिए विश्व कप स्क्वाड में जगह पक्की करने का आखिरी मौका हो सकती है। हालांकि इसके लिए उन्हें पांच और स्पिन गेंदबाजों से मुकाबला करना होगा।

पांडे ने कहा, “कुलदीप को खेलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला है। उसे समर्थन की जरूरत है। उसने ऑस्ट्रेलिया में (जनवरी, 2019 में सिडनी में चौथे टेस्ट में) पांच विकेट लिए थे, लेकिन उसके बाद उसे खेलने के लिए एक भी टेस्ट नहीं मिला।”

इस रिस्ट स्पिनर वनडे फॉर्मेट में काफी संघर्ष किया है। उन्होंने पिछले 16 महीनों में तीन वनडे में 29 ओवर में 7.2 की दर से 209 रन दिए हैं। आखिरी वनडे में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 10 ओवर में 84 रन लुटाए।

पांडे कहते हैं कि हाल ही में जब भी कुलदीप को मौका दिया गया, वो सपाट पिच पर आए। उन्हें लगता है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें रवींद्र जडेजा के विकल्प के रूप में अनदेखा करके और फरवरी-मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में शाहबाज नदीम को बाहर से बुलाकर उन्हें निराश किया।

पांडे ने रहा, “अगर कप्तान, कोच को लगता है कि वे दो स्पिनर (इंग्लैंड के खिलाफ) खेलेंगे और आपके पास एक गेंदबाज के चोटिल होने की स्थिति में एक बैक-अप स्पिनर भी है, लेकिन फिर आप किसी गेंदबाज को बाहर से बुलाते हैं, उसे खिलाते हैं और कुलदीप को अनदेखा करते हैं। वे उसे मौका दे सकते थे।”