भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली इस बात से खुश है कि टीम के खिलाड़ियों ने ‘निस्वार्थ रवैया’ अपनाया है और ‘उनकी सोच में लचीलापन’ है जिससे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खेल में बदलाव आया और कुलदीप यादव को पता है कि वह टीम से क्यों बाहर हुए हैं. Also Read - पैरेंट्स बनने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए विराट-अनुष्का, बेबी विरूष्का नहीं आई नजर

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कभी चोटों से परेशान रहने वाले शमी ने सपाट पिच पर धारदार गेंदबाजी की जिससे कप्तान काफी प्रभावित है.

कोहली ने दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ‘अब (वह) अधिक जिम्मेदारी के साथ खेल रहे हैं. हमें अब कुछ बताने की जरूरत नहीं होती. हमें अब यह कहने की जरूरत नहीं होती आपको हमारे लिए यह स्पैल डालना होगा. जब उन्हें गेंद सौंपी जाती है तब वह मैच की परिस्थिति को अच्छे से समझते है.’

शमी जहां पूरी तरह लय में है वही युवा चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यह सोच रहे होंगे कि अपने पिछले टेस्ट (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में) में पांच विकेट लेने के बाद भी वह टीम से बाहर क्यों हैं.

कप्तान ने हालांकि कहा कि कुलदीप को पता है कि उन्हें अंतिम 11 में जगह क्यों नहीं मिली.

उन्होंने कहा, ‘टीम में कोई भी स्वार्थी नहीं है और हर कोई यह सोचता है कि वह टीम के लिए क्या कर सकता है. कुलदीप के बारे में भी ऐसा ही है. वह समझता है कि भारत में खेलते समय अश्विन और जडेजा हमारी पहली पसंद होंगे क्योंकि वे बल्ले से भी योगदान देने में सक्षम है.’

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पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम प्रबंधन ने टेस्ट मैचों में अक्सर अपने संयोजन में बदलाव किया है और कप्तान कोहली से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर आप नतीजे देखेंगे तो समझ जायेंगे कि ऐसा क्यों किया गया है.

कोहली ने कहा, ‘हम पिछले दो साल से जो कर (टीम संयोजन को लेकर) रहे हैं उसके बारे में काफी चर्चा हो रही है. हमारा सिर्फ एक मकसद होता है जोकि ज्यादा से ज्यादा मैच जीतने का है. हम ऐसा करने में कामयाब रहे हैं.’

कप्तान के तौर पर पिछले तीन साल में सिर्फ एक (2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पुणे में) टेस्ट मैच में हार का स्वाद चखने वाले कोहली ने कहा, ‘पिछले तीन वर्षों में सबसे कम मैच गंवाने का प्रतिशत हमारे नाम है और इसके लिए अच्छी वजह है. जाहिर है टीम में लचीलापन है, लेकिन जैसा कि मैंने कहा अगर टीम साथ नहीं दे तो यह संभव नहीं होगा.’

कोहली ने शमी की जमकर तारीफ की 

शमी की तारीफ करते हुए कप्तान ने कहा सपाट और बिना मदद वाली पिचों से भी सीम मूवमेंट हासिल करने की कला उन्हें विशेष बनाती है.

उन्होंने कहा, ‘हम जैसी पिचों पर खेलते हैं, मुझे नहीं लगता कोई भी शमी की तरह सीम मूवमेंट हासिल करने में सफल रहता है. वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी मैच के रूख को पूरी तरह से पलट देते हैं. आप उनके कौशल को देख सकते हैं. खास कर दूसरी पारी में जब मुश्किल स्थिति होती है तब वह हर बार अपना काम शानदार तरीके से करते हैं.’