नई दिल्ली : भारत के 2018 में किए गए इंग्लैंड दौरे को ध्यान में रखा जाए तो अगर भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को 14 जुलाई को ऐतिहासिक लॉडर्स मैदान की बालकनी में विश्व कप ट्रॉफी के साथ खड़ा होना है तो इसमें कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की अहम भूमिका होगी. विश्व कप के दूसरे हाफ में स्पिनरों को मदद मिलेगी और यही भारत के पिछले इंग्लैंड दौरे पर देखा गया था, जहां कुलदीप ने इंग्लिश बल्लेबाजों को अपने जाल में फंसाया था.

कुलदीप के लिए हालांकि विश्व कप से पहले का सफर अच्छा नहीं रहा. उन्हें हाल ही में आईपीएल के 12वें संस्करण में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी अंतिम-11 में से भी ड्रॉप कर दिया था. इसकी वजह कुलदीप की फॉर्म थी. लेकिन एक चैम्पियन की पहचान यही होती है कि वह दमदार वापसी करे और कुलदीप इसके लिए तैयार हैं.

कुलदीप ने कहा, “टी-20 क्रिकेट वनडे क्रिकेट से काफी अलग है. आईपीएल भी वनडे क्रिकेट से अलग है. फ्रेंचाइजी क्रिकेट में किसी तरह का दबाव नहीं होता, लेकिन जब आप भारत के लिए खेलते हो तो दबाव होता है. आप जब भी मैदान पर जाते हो तो दबाव होता है लेकिन अहम बात यह है कि आप किस तरह से अपने को लक्ष्य पाने का प्रयास करते हो. मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा कोई अतिरिक्त दबाव होता है. यह किसी और चीज से ज्यादा सही चीज को करने का मसला है.”

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उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अब एक परिपक्व क्रिकेटर बन गया हूं और टीम के लिए खेलने का प्रयास करता हूं. अगर आपकी टीम के पास एक अच्छा स्पिनर है तो वह किसी भी फॉर्म में असरदार साबित होगा.”

मीडिया में अभी ऐसी खबरें आई थीं कि कुलदीप ने कहा कि धोनी भी गलतियां करते हैं. यह साफ तौर पर मीडिया द्वारा एक मजाकिया लहजे में दिए गए बयान को बढ़ा चढ़ा कर बताने वाला मामला है. बल्कि कुलदीप अपने सीनियर खिलाड़ियों की कितनी इज्जत करते हैं उसका पता इस बात से चलता है कि वह अपनी और साथी स्पिनर युजवेंद्र चहल की सफलता का श्रेय धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को देते हैं.

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उन्होंने कहा, “एक टीम के तौर पर हमने बीते कुछ वर्षो में जो हासिल किया है उसका काफी हद तक श्रेय कोहली भाई और धोनी भाई का हमें मैदान पर दिया गए मार्गदर्शन को जाता है. आपने देखा होगा कि धोनी भाई विकेट के पीछे खड़े होकर किस तरह हमें बताते रहते हैं. कोहली भाई और रोहित भाई ने धोनी भाई के साथ मिलकर काम करते हैं और रणनीति बनाते हैं. यह सीनियर खिलाड़ियों के शानदार काम की बदौलत मुमकिन हो सका है जो पहले रणनीति बनाते हैं और फिर उसे लागू करते हैं.”

चाइनमैन ने कहा, “इसका श्रेय हमें (कुलदीप और चहल) दिया जाता है लेकिन हम आधे भी सफल नहीं होते अगर सीनियर खिलाड़ी हमें रास्ता नहीं दिखाते. आपको ऐसे कप्तान की जरूरत होती है जो आपका समर्थन करे और आपकी काबिलियत में विश्वास रखे. आपको लगता है कि अगर कोहली भाई हमें आजादी नहीं देते तो क्या हम इतने असरदार होते? मुझे नहीं लगता.”