साल 2009 में पाकिस्‍तान के शहर लाहौर में श्रीलंका की टीम पर हुए हमले (Sri Lanka Team Lahore Bus Attack) के बाद से ही पड़ोसी देश में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट पर ब्रेक लगा हुआ है. बीते दिनों श्रीलंका और बांग्‍लादेश की टीमों ने दौरा कर पाकिस्‍तान को जरूरत थोड़ी राहत दी है लेकिन अब भी बड़े देश पाकिस्‍तान दौरे से कन्‍नी काटे रहते हैं. श्रीलंका के पूर्व कप्‍तान कुमार संगाकारा (Kumar Sangakara) ने लाहौर में हुई आंतकी घटना को याद किया. Also Read - प्रेस कांफ्रेंस में रो पड़ा सबसे कम उम्र में 5 विकेट हॉल लेने वाला पाक तेज गेंदबाज, देखें VIDEO

कुमार संगाकारा (Kumar Sangakara ने कहा कि इस घटना के दौरान बस ड्राइवर वास्तव में हीरो था, जो बस को उस एरिया से निकाल ले जाने में कामयाब रहे थे. स्काई स्पोटर्स से बातचीत के दौरान संगाकारा ने कहा, “हम उस समय पाकिस्तान गए थे, जब सुरक्षा एक मुद्दा था. हमने सुरक्षा पर अपनी चिंताओं के बारे में लिखा था और कहा था कि अगर कुछ होता है तो खिलाड़ियों का बीमा होना चाहिए. इसलिए हमने विनम्रता से मना कर दिया था. लेकिन हमें बताया गया था कि उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर सभी काम किए हैं, इसलिए हम वहां गए थे.” Also Read - पाकिस्तान के इस 'चौकड़ी' ने 4 शतक जड़ की भारत के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी

“उस समय हमारी टीम का मालिश करने वाला व्यक्ति भी सामने ही बैठा था. हमने बंदूक की आवाज सुनी तो उसने सोचा कि वे पटाखे हैं, बाद में वो उठ गया और कहने लगा कि सब नीचे हो जाओ वे बस पर फायरिंग कर रहे हैं. दिलशान भी सामने थे. मैं बस के बीच वाली सीट पर बैठा था. महेला जयवर्धने और मुरलीधरण हमारे ठीक पीछे थे. मुझे याद है कि सलामी बल्लेबाज थरंगा परनविताना सामने था.” Also Read - वनडे-टेस्ट डेब्यू मैच में शतक जड़ने वाले पहले पुरुष बल्लेबाज बने आबिद अली

कुमार संगाकारा (Kumar Sangakara ने आगे कहा, ” उन्होंने कई बार बस की तरफ फायरिंग की, ग्रेनेड फेंके और एक रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल किया. मुझे नहीं पता, हम उस दिन कैसे बच पाए. इस हमले में थिलन को चोट लगी थी जबकि मुझे कंधे के पास चोट आई थी. परनविताना चिल्लाया कि उसे गोली लगी है और उसकी छाती से खून बह रहा था. हम उस समय ‘ऊह’ और ‘आह’ की आवाजें साफ सुन रहे थे.”

संगाकारा (Kumar Sangakara ने कहा, “हमला करने वालों ने ड्राइवर को मारने की काफी कोशिश की लेकिन वो हर बार बच गया. वह हीरो था, जिसने हमें वहां से बचाया. वह सीधे बस को स्टेडियम ले गए और फिर हमें उतारा.”