न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज साइमन डूल (Simon Doull) का कहना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) से पहले मैच अभ्यास की कमी की वजह से भारत के तेज गेंदबाजी अटैक उतना कारगर साबित नहीं हो पा रहा है।Also Read - WTC Final: भारत-न्यूजीलैंड के बीच WTC फाइनल में बना रिकॉर्ड, क्रिकेट इतिहास में कभी ना हुआ ऐसा

साउथम्पटन के द रोज बाउल की पिच पर कीवी तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। खासकर कि युवा पेसर काइल जेमीसन (Kyle Jamieson) जिन्होंने मैच के तीसरे दिन पांच विकेट हॉल झटका। हालांकि भारतीय गेंदबाजों को इस तरह की सफलता नहीं मिल पा रही। डूल ने अभ्यास की कमी को इसके पीछे का कारण बताया है। Also Read - India vs Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 में डेब्यू कर सकते हैं वरुण चक्रवर्ती, देवदत्त पडिक्कल और रुतुराज गायकवाड़

दरअसल डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले न्यूजीलैंड को मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट खेलने का मौका मिला जबकि भारतीय टीम को मैच अभ्यास का पर्याप्त मौका नहीं मिला। Also Read - Sri Lanka vs India: तीसरे वनडे में हार के बाद कप्तान धवन ने कहा- टीम इंडिया ने 50 रन कम बनाए

डूल ने ‘क्रिकबज शो’ पर कहा, ‘‘कई बार आप इसे देखते हो और सोचते हो कि क्या उन्हें (भारत को) तैयारी का पर्याप्त मौका मिला। मुझे लगता है कि उन्हें मिला। मुझे लगता है कि पिछले 10-12 दिन में उन्होंने पर्याप्त गेंदबाजी की जिससे कि सुनिश्चित हो कि वे मुकाबले के लिए तैयार रहें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैच अभ्यास की बराबरी कर पाना मुश्किल है। आप अपनी ही दो टीमें बनाकर (इंट्रा स्क्वाड मैच में) ऐसा करने का प्रयास कर सकते हो लेकिन ये पर्याप्त नहीं होता और ये महत्वपूर्ण है। मैच अभ्यास की जगह लेना मुश्किल होता है जो आपको बेहतर बनाता है और आप इन मैचों के लिए तैयार होते हो।’’

डूल ने भी माना कि न्यूजीलैंड को निश्चित तौर पर इस प्रतिष्ठित मुकाबले से पहले इंग्लैंड के खिलाफ दो मैच खेलने का फायदा मिला। उन्होंने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड लार्ड्स में अपने पहले टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ उसी तरह की तैयारी के साथ उतरा था जिस तैयारी के साथ भारत उतरा है।’’

डोल ने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड की टीम लगभग 10-11 दिन साउथम्पटन में रही, अपनी टीमों के बीच मुकाबले खेले, ट्रेनिंग, अभ्यास किया और जब वे लार्ड्स में उतरे तो लय में लग रहे थे। टिम साउथी ने शानदार गेंदबाजी की, डेवोन कॉनवे ने यहां 10 दिन के नेट सत्र के बाद लार्ड्स में दोहरा शतक जड़ा। ऐसा लग रहा था कि वे तैयार हैं।’’

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि इशांत शर्मा को छोड़कर भारतीय एकादश में कोई वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘वो वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं हैं। मुझे पता है कि जसप्रीत बुमराह गेंद को स्विंग करा सकता है, इशांत स्विंग गेंदबाज है, वो राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए उस कोण के साथ आता है कि कलाई से गेंद बाहर की ओर स्विंग होती है। वो गेंद को बाएं हाथ के बल्लेबाजों से दूर और दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए अंदर लाता है।’’

डोल ने कहा, ‘‘मोहम्मद शमी कभी वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं रहा। वो सीम गेंदबाज है। मेरे लिए बुमराह, शमी नहीं बल्कि इशांत अधिक महत्वपूर्ण है। मैंने हालांकि गेंद के अधिक सीम करने की उम्मीद की थी। शमी और बुमराह ने कभी कभी सीम गेंदबाजी की लेकिन निरंतर रूप से ऐसा नहीं कर पाए।’’