पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी (Lakshmipathy Balaji) ने बताया कि कैसे पूर्व क्रिकेटर सुब्रमण्यम बद्रीनाथ (Subramaniam Badrinath) मैच से पहले अपने स्कोर की भविष्यवाणी करते थे। राष्ट्रीय टीम के साथ बालाजी और बद्री इंडियन प्रीमियर लीग की टीम चेन्नई सुपर किंग्स में भी साथ खेल चुके हैं। Also Read - कोहली-तेंदुलकर समेत भारतीय क्रिकेटरों ने एयर इंडिया विमान क्रैश पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की

टीम इंडिया के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) यूट्यूब शो पर बालाजी ने कहा, “क्या आपने कभी सुना है कि कोई ये कहे वो शतक बनाने जा रहा है? मैं ये 2005 में देखा है। बद्री ने करियर के अलग अलग स्टेज पर दिखाया कि वो क्या कर सकता था। वो गेंदबाजों के साथ खेल रहा था। एक समय पर, सर्वश्रेष्ठ स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे। उसने मुझे पहले ही बता दिया था कि वो अलग एक घंटे में शतक बनाए और वो इस सेशन में इस गेंदबाज के खिलाफ इतने रन बनाएगा।” Also Read - ‘मैंने युवराज की पीठ तोड़ी’: शोएब अख्तर ने याद किया पुराना किस्सा

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कोच ने कहा, “बद्री इस बात का उदाहरण है कि लोग समय के साथ कैसे बदल सकते है। वो खुद को आक्रामक बनाने में सक्षम था। एक मैच था जहां वो मलार अस्पताल से डिहाईड्रेशन की वजह से ड्रिप लगवाकर आया था और फिर टीम लड़खड़ा गई। इसलिए वो ड्रिप-सेट के साथ एंबुलेंस में आया और खेला। उसने मैदान पर जाने से पहले वो (ड्रिप) हटा दिया। एक बार फिर मैच बचाने वाला शतक जड़ा। किसी भी इस बार में नहीं पता है। बद्री बहुत कुछ कर सकता था। वो युवा पीढ़ी के लिए बेहतरीन उदाहरण हैं।” Also Read - ‘सौरव गांगुली के रिटायर होने के बाद ही मुझे मौके मिले’: युवराज सिंह ने किया खुलासा

उन्होंने कहा, “बद्री तकनीकि तौर पर अच्छा था और कभी भी अपना विकेट फेंकता नहीं था लेकिन हर किसी ने ये देखा। लेकिन बद्री ने अपना एक अलग रूप दिखाया। रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उसने दिखाया कि एक सेशन में शतक कैसे बनाया जा सकता है।”

बद्रीनाथ उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों की वजह से टीम इंडिया में जगह पक्की नहीं कर सके। बद्रीनाथ ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 7 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला हैं।