भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का मानना है कि खेल में खामियों को परखने की जिम्मेदारी खिलाड़ी की है और चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की बल्लेबाजी के आलोचकों को उन्हें खुद इसका आकलन करने के लिए छोड़ देना चाहिए।Also Read - IPL 2021, DC vs SRH: Shikhar Dhawan ने Virat Kohli-Rohit Sharma को पछाड़ा, हासिल किया बड़ा मुकाम

मौजूदा भारतीय टीम में कोहली के बाद पुजारा टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 86 मैचों में 6,267 रन बनाए है लेकिन उन पर अक्सर जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगते रहा है। इससे उनके साथ बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ जाता है। Also Read - Ravi Shastri नहीं चाहते थे Virat Kohli रहें कप्तान, T20 समेत इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने को कहा!

पुजारा के बारे में पूछे जाने पर कोहली ने तीसरे क्रम पर खेलने वाले अपने भरोसेमंद बल्लेबाज का बचाव करते हुए कहा, ‘‘इस बारे में पिछले कुछ समय से बात हो रही है और मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि इस तरह के प्रतिभा और अनुभव वाले खिलाड़ी को खेल की कमियां निकालने के लिए अकेला छोड़ दिया जाना चाहिए।’’ Also Read - IPL 2021, PBKS vs RR: टीम की हार से निराश कोच Anil Kumble, बोले- करीबी अंतर से मैच गंवाना Punjab Kings के लिए चलन बन गया है

कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा कि इस स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारियों का पता होता है और गैर जरूरी आलोचना उन्हें परेशान नहीं करती, कम से कम पुजारा को तो नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह मेरे या इस टीम के किसी अन्य खिलाड़ी के साथ, हम उन चीजों के बारे में बहुत जागरूक हैं, जिसे हमें टीम के लिए करने की जरूरत है। मैं बाहर से कह सकता हूं कि आलोचना अनावश्यक है लेकिन मैं इस तथ्य को  जानता हूं कि पुजारा को इसकी परवाह नहीं है और ऐसी आलोचना उतनी ही प्रासंगिक है जितनी आप चाहते हैं।’’

कोहली ने पहले टेस्ट के लिए आखिरी 11 खिलाड़ियोंं का खुलासा नहीं किया, ना ही ये बताया कि टीम में सलामी बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल को जगह मिलेगी या हनुमा विहारी खेलेंगे। उन्होंने हालांकि ये जरूर कहा कि शार्दुल ठाकुर के पास सभी फॉर्मेट में ऑलराउंडर बनने की क्षमता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, उसे ऑलराउंडर बनाया जा सकता है। वो पहले से ही एक बहुआयामी क्रिकेटर है और ये अधिक से अधिक आत्मविश्वास हासिल करने के बारे में है। उसके जैसा कोई खिलाड़ी टेस्ट या किसी भी फॉर्मेट की टीम को संतुलित बनाने में मदद करता है।’’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले साल ब्रिसबेन में अर्धशतकीय पारी खेलने के साथ सात विकेट लेने वाले मुंबई के इस खिलाड़ी के बारे में कप्तान ने कहा, ‘‘वो ऐसा खिलाड़ी है जो सिर्फ इस सीरीज में नहीं बल्कि आगे के लिए बहुत जरूरी होगा।’’

कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम को 2018 में इंग्लैंड दौरे पर 1-4 से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उन्होंने कहा कि इस बार टीम की तैयारी काफी बेहतर है क्योंकि खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों का अनुभव है और वो पिछले दो महीने से यहां है।

उन्होंने कहा, ‘‘2018 में जो खिलाड़ी अनुभवहीन थे, वो अब ज्यादा अनुभवी हैं। हां, असफलताएं होंगी लेकिन हमारे पास पर्याप्त खिलाड़ी होंगे जो दबाव की परिस्थितियों में खुद को साबित करने के लिए बेताब होंगे।’’

कोहली से पूछा गया कि क्या उन्होंने 2018 में परेशान करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (James Anderson) के खिलाफ कोई खास योजना बनायी है तो उन्होंने कहा, ‘‘नहीं’’।