पूर्व बल्लेबाज शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) के कश्मीर को लेकर दिए बयान की आलोचना करने वाले खिलाड़ियों की सूची में सुरेश रैना (Suresh Raina) भी शामिल हो गए हैं। Also Read - ब्रेट ली की गुजारिश : ऑस्ट्रेलिया नहीं पाकिस्तान, वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरे शतक लगाएं रोहित शर्मा

भारतीय मध्यक्रम बल्लेबाज रैना ने अफरीदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “हे भगवान, एक इंसान प्रसांगिक बने रहने के लिए क्या-क्या करता है। वो भी उस देश का इंसान जो खैरात पर जी रहा है। इसलिए बेहतर होगा कि कश्मीर को अकेला छोड़ दो और अपने विफल देश के लिए कुछ करने पर ध्यान दो। मैं एक गौरवांवित कश्मीरी हूं और हमेशा रहूंगा। और यह हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। जय हिंद।” Also Read - हरभजन-युवराज के बयान पर आफरीदी का पलटवार; कहा- उन्हें पता है कि उनके देश में लोगों पर अत्याचार हो रहा है

रैना का ये ट्वीट अफरीदी के उस बयान के जवाब में आया जिसमें पाकिस्तान के इस पूर्व क्रिकेटर ने  कहा था, “कश्मीर के लोगों की पीड़ा को समझने के लिए आपको धार्मिक आस्था की जरूरत नहीं है बल्कि सही जगह दिल की जरूरत है।” Also Read - भारत के खिलाफ POK में मिलकर ये काम करने वाले हैं चीन और पाकिस्तान, बढ़ सकती है टेंशन

इसके बाद उनकी आलोचना का दौर शुरू हो गया। रैना से पहले शिखर धवन (Shikhar Dhawan), युवराज सिंह (Yuvraj Singh), हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अफरीदी के बयान की आलोचना कर चुके हैं।

धवन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “इस वक्त जब सारी दुनिया कोरोना से लड़ रही है उस वक्त भी तुमको कश्मीर की पड़ी है। कश्मीर हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा। चाहे 22 करोड़ ले आओ हमारा एक सवा लाख के बराबर है। बाकी गिनती अपने आप कर लेना।”

युवराज ने ट्वीट किया, “अफरीदी के हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान से बेहद निराश हूं। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते जो भारत के लिए खेला हो, मैं इस तरह के शब्द स्वीकार नहीं कर सकता। मैंने वो अपील आपके (आफरीदी के) कहने पर इंसानियत के नाते की थी, लेकिन अब दोबारा नहीं।”

हरभजन और युवराज ने हाल में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए शाहिद अफरीदी फाउंडेशन में दान देने की लोगों से अपील की थी। हरभजन ने भी अफरीदी के बयान पर गुस्सा जाहिर किया और कहा कि वह अब पाकिस्तान खिलाड़ी से कोई संबंध नहीं रखेंगे।

हरभजन ने आगे कहा, “ये एक बीमार आदमी है जो हमारे देश के बारे में ऐसा सोचता है। मुझे बस इतना कहना है कि शाहिद अफरीदी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। अफरीदी को अपने देश पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और अपनी सीमा में रहना चाहिए। मुझे केवल इतना ही कहना है कि हमारे देश के खिलाफ उसने जो भी बोला वो बर्दाश्त के बाहर है और मैं आज से उसके साथ सभी रिश्ते तोड़ता हूं।”

उन्होंने कहा, “मैं इस देश में पैदा हुआ हूं और इसी देश में मरूंगा। मैं 20 साल से भी अधिक समय तक इस देश के लिए खेला हूं और इसके लिए मैच जीते हैं। किसी को भी मेरे देश के खिलाफ कुछ कहने का हक नहीं है।”

गंभीर ने रविवार को ट्विटर पर कहा, “पाकिस्तान के पास सात लाख की फोर्स है जिसका समर्थन 20 करोड़ लोग करते हैं, यह कहना है ’16 साल के’ अफरीदी का। फिर भी कश्मीर के लिए 70 सालों से भीख मांग रहे हैं। अफरीदी, इमरान और बाजवा जैसे जोकर भारत और प्रधानमंत्री के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं, लेकिन पाकिस्तान के लोगों के लिए कयामत के दिन तक कश्मीर नहीं ले सकते। बांग्लादेश याद है?”