जोहानिसबर्ग| वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग को लगता है कि विराट कोहली आक्रामक लग सकता है लेकिन वह अभी सीख रहा है और अपने काम में परिपक्वता हासिल करने के दौरान वह संयमित होना भी सीख लेगा. होल्डिंग को भारतीय कप्तान और सर विवियन रिचर्ड्स के बीच खेल और कप्तानी दोनों में समानता दिखती है. Also Read - IPL 2020 RCB vs CSK: चेन्नई सुपरकिंग्स को मिली 8 विकेट से जीत के 5 कारणों में रुतुराज गायवाड़ रहे टॉप पर

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होल्डिंग ने कहा इस समय वह युवा कप्तान है, जो महज सीख रहा है और समझ रहा है कि कप्तान होना क्या होता है. कभी कभार वह इतना भावुक हो जाता है कि यह चीज प्रतिद्वंद्वी टीम के लिये ही नहीं बल्कि उनके खिलाड़ियों के लिये भी डराने वाली हो जाती है. जब मैं विराट की तुलना विवियन रिचर्ड्स से करता हूं तो यह सिर्फ बल्लेबाजी हीं नहीं है बल्कि कप्तानी भी है. Also Read - पूर्व चयनकर्ता का इशारा- टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं सूर्यकुमार यादवपूर्व चयनकर्ता का इशारा- टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं सूर्यकुमार यादव

उन्होंने कहा, विव के साथ भी ऐसा ही था. जब उन्होंने कप्तानी संभाली तो वह भी इसी तरह के थे. लेकिन बाद में वह परिपक्व हो गये. उन्होंने थोड़ा संयमित होना सीखा और फिर उनकी टीम भी थोड़ी शांत होती चली गयी. इसके बाद परिणाम मिले. मुझे लगता है कि विराट के साथ भी सीखने के लिये इसी तरह की चीजें होंगी.

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भारत ने भले ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वांडरर्स में तीसरा टेस्ट 63 रन से जीत लिया लेकिन उसने शुरूआती दो टेस्ट गंवाकर सीरीज 1-2 से गंवा दी. टेस्ट सीरीज में कोहली के टीम चयन की काफी आलोचना हुई और होल्डिंग को भी उनकी यह नीति पसंद नहीं आयी जिसमें उन्होंने हर 35 टेस्ट में अलग अंतिम एकादश उतारी है.

होल्डिंग ने कहा, आप इतनी अलग परिस्थितियों में खेल रहे हो, इतने सारे विदेशी देशों में कि आप सोचते हो कि यह पिच अब इस व्यक्ति के लिये मददगार है और यह किसी और के मुफीद नहीं है. साथ ही आधुनिक खेल में इतना क्रिकेट हो रहा है कि आपको खिलाड़ियों को रोटेट करना पड़ता है, विशेषकर गेंदबाजों को और उन्हें थोड़ा आराम देना होता है. अगर यह कारण है तो वह ऐसा क्यों कर रहा है, आप समझ सकते हो. लेकिन इतने सारे बदलाव करना ठीक नहीं है.