अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार रिकॉर्ड छठी बार अपने नाम करने में सफल रहे हैं. मेसी बार्सिलोना क्लब की ओर से खेलते हैं.

Ranji Trophy 2019-20: तमिलनाडु टीम के कप्तान होंगे विजय शंकर, उप कप्तानी की जिम्मेदारी बाबा अपराजित के कंधों पर

पिछले सीजन में बार्सीलोना का प्रदर्शन औसत रहा जबकि कोपा अमेरिका के सेमीफाइनल में ब्राजील ने अर्जेंटीना को हरा दिया. इसके बावजूद मेसी का प्रदर्शन 2019 में शानदार रहा. अब उनके नाम फुटबॉल के इतिहास में सबसे अधिक बार यह सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार हो गया है.

उन्होंने 5वां ‘बलून डि ओर’ पुरस्कार चार साल पहले जीता था. उनके चिर-प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पांच बार यह पुरस्कार जीता है जबकि जोहान क्रफ, माइकल प्लातिनी और मार्को वान बास्टेन के नाम पर तीन-तीन पुरस्कार दर्ज हैं.

मेसी ने इस साल 54 मैच खेलकर 46 गोल किए और 17 गोल में सूत्रधार की भूमिका निभाई. उन्होंने बार्सीलोना के लिए 44 मैचों में 41 गोल किए और 15 में सहायता की जिनमें तीन हैट्रिक शामिल हैं.

बतौर कप्तान मेसी ने पहले सत्र में टीम को लगातार तीसरा ला लिगा खिताब दिलाया. उन्होंने लेवांटे के खिलाफ फाइनल में विजयी गोल भी दागा.

भारतीय स्पिनरों को ऑस्ट्रेलिया में करना पड़ सकता है मुश्किलों का सामना : पोंटिंग

चैम्पियंस लीग में हालांकि मेसी के दो गोल के बावजूद बार्सीलोना को लीवरपूल ने सेमीफाइनल में हरा दिया. कोपा डेल रे के फाइनल में उसे वालेंशिया ने हराया.

चैम्पियंस लीग में सर्वाधिक 12 गोल करके मेसी ने लगातार तीसरे साल गोल्डन शू पुरस्कार जीता जो उनके कैरियर का छठा खिताब था.

कोपा अमेरिका में चिली के खिलाफ तीसरे स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में रैफरिंग की आलोचना के कारण मेसी को तीन महीने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से निलंबन झेलना पड़ा.

लौटकर आने के बाद वह चोट के शिकार हो गए. इसके बाद भी उन्होंने पांच मैचों में 6 गोल किए. उन्होंने ला लिगा में 34वीं हैट्रिक लगाकर रोनाल्डो के रिकॉर्ड की बराबरी की.

क्लब के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले इस धुरंधर की हालांकि कई अधूरी ख्वाहिशें हैं जिनमें चैम्पियंस लीग खिताब और विश्व कप ट्राफी शामिल है. उनके कैरियर के कुछ ही साल अब बचे हैं लेकिन अपने पैरों के जादू से उन्होंने इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में अपना नाम शामिल करा लिया है.