नई दिल्ली : टीम इंडिया के खिलाड़ी लोकेश राहुल लगातार संघर्ष कर रहे हैं. वो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अब तक फॉर्म में नहीं आ सके हैं. टी-20 सीरीज के बाद अब टेस्ट मैच में खराब प्रदर्शन से जूझ रहे हैं. एडिलेड में खेले जा रहे पहले टेस्ट में राहुल महज 8 गेंदों का सामना करते हुए 2 रन बना पाए. उन्हें जोश हेजलवुड ने आउट किया. राहुल ने लिए खराब बात यह रही कि उन्होंने पिछले 71 दिनों में एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है. राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टी-20 मैचों में भी महज 27 रन बनाए.

राहुल ऑस्ट्रेलिया से पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ भी रन नहीं बना पाए थे. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टी20 मैच में 59 रन बनाए थे. राहुल पहले मैच में 16 और तीसरे मैच में 17 रन बनाकर आउट हुए थे. दूसरे टी20 मैच में 26 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे. इसी तरह उन्हें दो टेस्ट मैचों में तीन बार बैटिंग का मौका मिला था. वे एक बार खाता नहीं खोल सके थे. एक बार चार रन बनाकर आउट हुए थे और एक बार 33 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे.

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टीम इंडिया के इस खिलाड़ी का टेस्ट मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने पिछली 14 टेस्ट पारियों में सिर्फ एक बार 50 रन का आंकड़ा पार किया है. हालांकि, तब वे शतक बनाने में कामयाब रहे थे. उन्होंने यह पारी इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में खेली थी. तब उन्होंने 149 रन की पारी खेली थी. वे संभवत: इसी पारी की वजह से टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे थे. राहुल ने इस शतक के बाद चार टेस्ट पारियां खेली हैं, जिनमें उनका स्कोर 0, 4, 33* और 2 रन है.

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गौरतलब है कि राहुल के खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें बार-बार मौके मिलते रहे हैं. अहम बात यह भी है कि उन्हें भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की लिस्ट में रखा जाता है. इस मैच से पहले ही ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने कहा कि वे राहुल को विराट कोहली के बाद टीम इंडिया का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज मानते हैं. राहुल पिछले 18 साल में सिर्फ पांचवें भारतीय ओपनर हैं, जिन्हें 32 या इससे अधिक टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है. उनके अलावा वीरेंद्र सहवाग (103), मुरली विजय (60), गौतम गंभीर (58) और शिखर धवन (34) ही ऐसे ओपनर हैं, जिन्होंने साल 2000 के बाद 32 टेस्ट मैच खेले हैं.