भारत की लवलीना बोरगोहेन को विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में 69 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में शनिवार को हार का सामना करना पड़ा. Also Read - Coronavirus: 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने क्ववारंटाइन प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन

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लवलीना को सेमीफाइनल में चीन की यांग लियू के खिलाफ करीबी मुकाबले में 2-3 से हार झेलनी पड़ी. इस हार के बार लवलीना को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.

बोरगोहेन को लियू के रूप में चतुर प्रतिद्वंद्वी मिली थी. चीनी मुक्केबाज ने काफी आक्रामक खेल दिखाया. बोरगोहेन ने भी जवाबी हमले बोले लेकिन लियू के मुक्कों में काफी दम था.

विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में लवलीना का यह लगातार तीसरा कांस्य पदक है.

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लवलीना से पहले मैरीकॉम और जमुना बोरो को भी सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग के मुकाबले में हार कर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. वहीं मंजू रानी ने 48 किग्रा के फाइन में पहुंचकर इतिहास रच दिया है.

भारतीय दल ने मैरीकॉम के फैसले का रिव्यू मांगा लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ की तकनीकी समिति ने उनकी अपील खारिज कर दी. इस हार के बावजूद मैरीकॉम ने महिला विश्व चैम्पियनशिप में सबसे ज्यादा पदक जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया. यह विश्व चैम्पियनशिप का उनका 8वां और 51 किलोवर्ग में पहला पदक है.