नई दिल्ली. भारत-विंडीज T20 मुकाबले के साथ लखनऊ का अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम इंटरनेशनल क्रिकेट में दस्तक देने को तैयार है. लेकिन, मुकाबले से पहले दोनों टीमों के सामने सबसे बड़ा सवाल पिच के मिजाज को लेकर है. पिच कैसी होगी, इसकी भनक मेहमान वेस्टइंडीज को तो नहीं ही है साथ ही मेजबान टीम इंडिया भी इस सवाल के जवाब से अंजान है. ऐसे में नए नए बनकर तैयार हुए लखनऊ के क्रिकेट स्टेडियम पर दोनों टीमों के लिए बराबरी का मौका रहने वाला है. Also Read - Eng vs Pak: स्टेडियम में इंट्री ना मिलने के बावजूद पाक टीम का समर्थन करने पहुंच फैंस

रनों के ‘धमाके’ पर पिच का ‘पेंच’ Also Read - INDvsWI: 140 किलो वजन के इस खिलाड़ी ने भारत के खिलाफ खेला डेब्यू मैच, तोड़ दिया ये रिकॉर्ड

आईए अब जरा जानने की कोशिश करते हैं कि लखनऊ की पिच आखिर कैसी हो सकती है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के मुताबिक, ” लखनऊ में लाल मिट्टी के बजाए काली मिट्टी की पिच देखने को मिल सकती है. मतलब ये कि इस पिच पर पेस और बाउंस कम देखने को मिलेगा. गेंद नीची रहेगी, जैसा कि अमूमन यूपी की अधिक्ततर पिचों जैसे कानपुर की पिच पर देखने को मिलता है.” साफ है पिच पर गेंद नीची रहेगी तो ठीक से बल्ले पर नहीं आएगी. यानी दिवाली से ठीक पहले क्रिकेट फैंस को उम्मीद से थोड़ी कम रनों की आतिशबाजी देखने को मिल सकती है. Also Read - INDvsWI: मयंक-कोहली के बाद विहारी और पंत ने संभाली पारी, पहले दिन का खेल खत्म, ये है मैच का हाल

130 रन पर जीत पक्की!

आकाश चोपड़ा की सोच पर स्टेडियम के पिच क्यूरेटर भी मुहर लगाते दिख रहे हैं. अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम के पिच क्यूरेटर के मुताबिक 130 रनों का लक्ष्य इस पिच पर विजयी स्कोर साबित हो सकता है. क्यूरेटर ने कहा, ” लखनऊ के नए स्टेडियम की पिच को ओड़िशा के बालंगीर से मिट्टी लाकर बनाया गया है, जो अपनी धीमी प्रकृती के लिए जानी जाती है. ये बड़े स्कोर वाला मैच नहीं होगा. दोनों टीमों को रन बनाने और लंबी स्क्वायर बाउंड्री की वजह से बड़े शॉट खेलने में दिक्कत होगी.”

ओड़िशा की मिट्टी से बनी पिच

लखनऊ के नए स्टेडियम की पिच को तैयार करने का प्रभार BCCI के मुख्य क्यूरेटकर दलजीत सिंह को सौंपा गया था, जिन्होंने रविंद्र चौहान, शिव कुमार और सुरेंद्र जैसे UPCA के क्यूरेटर की मदद से पिच तैयार की है.उन्होंने कहा, ‘‘इस पिच को ओड़िशा के बालंगीर से मिट्टी लाकर बनाया गया है जो अपनी धीमी प्रकृती के लिए जानी जाती है. दोनों टीमों को रन बनाने और लंबी स्क्वायर बाउंड्री के कारण बड़े शाट खेलने में दिक्कत होगी.’’

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धीमी पिच पर ओस भी बड़ा फैक्टर

लखनऊ में रनों पर अंकुश लगाने में स्लो पिच के अलावा ओस भी बड़ा रोल प्ले कर सकता है. पिच क्यूरेटर के मुताबिक, “‘आउटफील्ड शानदार और तेज है, लेकिन ओस निश्चित तौर पर बड़ी भूमिका निभाएगी. उत्तर भारत में सर्दियां शुरू हो रही हैं और पहली गेंद से ही ओस बड़ी भूमिका निभाएगी. इसलिए गेंद तेजी से बाउंड्री की ओर नहीं जाएगी और बल्लेबाजों को काफी रन दौड़ने होंगे.’’

टॉस जीतों, फील्ड चुनो

अब सवाल है कि ऐसी पिच पर टॉस जीतकर पहले क्या करना अहम रहेगा. तो इसके जवाब में आकाश चोपड़ा कहते हैं, ” लखनऊ में ओस की बड़ी भूमिका को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम को पहले फील्डिंग करना ही सही रहेगा.” बहरहाल, टॉस पर किसी का कंट्रोल नहीं है. लेकिन इतना तय है कि लखनऊ की धीमी पिच पर धमाकेदार क्रिकेट जरूर दिखेगा क्योंकि मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है.