वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग (Michael Holding) का मानना है कि सितारों से सजे बल्लेबाजी क्रम के बावजूद भारतीय टीम को महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के ‘कौशल और रवैये’ की कमी खल रही है क्योंकि वो बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए घबराते नहीं थे। Also Read - IND vs AUS: टीम इंडिया के खिलाड़ियों के चोटिल होने पर Adam Gilchrist सख्त, बोले- कारण जानना जरूरी

पूर्व दिग्गज का ये बयान विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुवाई में टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला वनडे हारने के बाद आया। Also Read - India vs Australia- मैं लाल गेंद से भी खेलने के तैयार हूं मुझे बस मौका चाहिए था: Washington Sundar

होल्डिंग ने यूट्यूब चैट शो ‘होल्डिंग नथिंग बैक’ में कहा, ‘‘भारत के लिए लक्ष्य का पीछा करना कठिन था। भारत को महेंद्र सिंह धोनी की कमी खली। धोनी आम तौर पर बल्लेबाजी क्रम में निचले हाफ में उतरते हैं और लक्ष्य का पीछा करते हुए नियंत्रण बना लेते हैं। उनके टीम में रहते भारत ने अतीत में लक्ष्य का बखूबी पीछा किया है।’’ Also Read - India vs Australia: चौथे टेस्ट में भी नहीं रुका दर्शकों का बुरा बर्ताव, Mohammed Siraj और Washington Sundar को दी गालियां

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के पास काफी प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं जो स्ट्रोक्स खेलने में माहिर है। हार्दिक ने शानदार पारी खेली लेकिन फिर भी भारत को धोनी जैसे खिलाड़ी की जरूरत थी। सिर्फ कौशल ही नहीं बल्कि रवैये के मामले में भी।’’

होल्डिंग ने कहा कि भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी के रहते आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहती थी। उन्होंने कहा, ‘‘वे टॉस जीतकर फील्डिंग से नहीं डरते थे क्योंकि उन्हें पता था कि एम एस धोनी क्या कर सकता है और उनके बल्लेबाज कितने सक्षम हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लक्ष्य का पीछा करते समय धोनी कभी घबराते नहीं थे। उन्हें अपनी क्षमता का पता था और वे विचलित नहीं होते थे। जो भी साथ में बल्लेबाजी करता था, वो उससे बात करते रहते और उसकी मदद करते थे। भारत का बल्लेबाजी क्रम शानदार है लेकिन लक्ष्य का पीछा करने में धोनी की बात ही अलग थी।’’

होल्डिंग ने भारत की खराब फील्डिंग की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘एससीजी बड़ा मैदान है लेकिन भारतीयों की फील्डिंग बेहद औसत रही। गेंद खिलाड़ियों के सिर के ऊपर से निकल गई लेकिन छक्का नहीं हुआ। सीमारेखा से इतना दूर नहीं रहना चाहिए था।’’