इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर खूब चर्चा हो रही है. विश्वकप के सेमीफाइलन से टीम इंडिया की विदाई के बाद से यह चर्चा कुछ ज्यादा ही हो रही है. अब ऐसी रिपोर्ट है कि महेंद्र सिंह धोनी ने संन्यास का मन बना लिया था, लेकिन कप्तान विराट कोहली नहीं चाहते थे कि धोनी उनका साथ छोड़ें. हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनएइंडिया.कॉम में छपी चंदर शेखर लुथरा की रिपोर्ट के मुताबित धोनी ने वर्ल्ड कप के दौरान ही मन बना लिया था कि वह अब संन्यास ले लेंगे. उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान इस बारे में अपने कुछ साथियों के साथ चर्चा भी की थी. इतना ही नहीं आईपीएल में उनकी टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के भी कुछ खिलाड़ी भी उनकी भविष्य की योजना से अवगत थे.

इतना ही नहीं टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने भी वेस्टइंडीज दौरे के लिए रविवार को हुई टीम की घोषणा से पहले धोनी के साथ चर्चा की. सूत्रों ने बताया कि प्रसाद ने धोनी को बता दिया था कि दिल्ली के विकेटकीपर-बल्लेबाज रिषभ पंत वेस्टइंडीज दौरे के लिए सेलेक्टर्स की पहली पसंद हैं. प्रसाद ने धोनी को यह भी संकेत दिया कि अगले साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्डकप है. वैसे इस पूरी चर्चा के दौरान धोनी पर इस बात के लिए कोई जोर नहीं डाला गया कि वह अपना भविष्य तय करें.

‘कोई भी खिलाड़ी धोनी का मुकाबला करने लायक नहीं, इसलिए टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता उनका संन्यास’

एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि मौजूदा कप्तान कोहली की सलाह पर ही धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तुरंत संन्यास लेने का फैसला टाल दिया. सूत्र ने दावा कि धोनी के साथ फिटनेस का कोई मुद्दा नहीं है और अगर टीम को जरूरत पड़ी तो वह अगले साल टी-20 वर्ल्ड कप तक खेल सकते हैं. इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि रिषभ पंत पर ध्यान केंद्रीय करते समय टीम में किसी दूसरे विकेटकीपर को रखने के बारे में नहीं सोचा जा रहा है. ऐसे में अगर रिषभ को चोट लगती है या वह इस दौरान फॉर्म में नहीं रहते हैं तो धोनी आसानी से यह जिम्मेवारी संभाल सकते हैं.

यह जानना जरूरी है कि हाल ही वर्ल्डकप में टीम इंडिया ने तीन विकेटकीपर्स के साथ खेला था, लेकिन अब सेलेक्टर्स ने दिनेश कार्तिक के लिए दरवाजा बंद करने का मन बना लिया है. ऐसे में अब 24 वर्षीय संजू सैमसन और 21 वर्षीय इशान किशन के अलावा दिग्गज विकेटकीपर रिधिमान साहा ही इस रेस में बचते हैं. सूत्रों ने यह भी दावा किया कि जब किसी बड़े टूर्नामेंट की बात की जाती है तो इनमें से कोई धोनी के अनुभव की बराबरी नहीं कर सकते. दूसरी तरह कोहली को हमेशा धोनी की सलाह की जरूरत पड़ती है. ऐसे में वह चाहते हैं कि वर्ल्डकप की हार के बाद जब तक टीम सुचारू नहीं हो जाती तब तक धोनी उनके साथ बने रहें.