नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए सेलेक्ट होंगे या नहीं, इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. इसी बीच महेंद्र सिंह धोनी ने एक बड़ा फैसला किया है. धोनी ने दो महीने के लिए टीम और क्रिकेट से अलग होने का फैसला किया है. धोनी इस दौरान भारतीय सेना को समय देंगे. वह सेना की पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं. धोनी अगले दो महीने अपनी रेजिमेंट के साथ ही बिताएंगे.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने ये टीम में जगह को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ये फैसला किया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने भी धोनी के इस फैसले की पुष्टि की है. बीसीसीआई के अधिकारियों के मुताबिक धोनी ने खुद ही ये फैसला किया है कि वह अपनी रेजिमेंट के साथ दो माह तक रहेंगे.

‘जो नहीं खेल पाते थे, वो भी साध रहे निशाना, सच्चे खिलाड़ी जानते हैं धोनी की असली कीमत’

बता दें कि वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन को लेकर धोनी आलोचकों के निशाने पर हैं. कई पूर्व क्रिकेटर भी उन पर निशाना साध रहे हैं. एक दिन पहले ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा था कि धोनी के साथ भी वैसा ही होना चाहिए जैसा मेरे, सहवाग और सचिन के साथ हुआ था. वहीं, पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता संजय जगदाले ने कहा कि जो अपने समय में ठीक से खेल नहीं पाए, वो भी धोनी की आलोचना कर रहे हैं. धोनी की असली कीमत सच्चे खिलाड़ी जानते हैं. उन्होंने कहा था कि धोनी में अभी काफी क्रिकेट बचा है. भारतीय क्रिकेट को उनका बड़ा योगदान है.

गौतम गंभीर का ‘दर्द’ छलका- जैसा मेरे, सचिन और वीरू के साथ हुआ, धोनी के साथ भी वैसा ही हो

बता दें कि 38 वर्षीय धोनी वेस्टइंडीज दौरे पर जाएंगे या नहीं इसका फैसला रविवार 21 जुलाई को होना है. रविवार को भारतीय टीम का दौरे के लिए एलान किया जाएगा. कयास लगाए जा रहे हैं कि धोनी की बजाय विकेटकीपिंग के लिए ऋषभ पंत को सेलेक्ट किया जा सकता है. इन कयासों के बीच इससे पहले ही धोनी ने खुद को दो महीने के लिए क्रिकेट से अलग करने का फैसला कर लिया.