नई दिल्ली. विराट कोहली बेशक इन दिनों इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने में व्यस्त हैं लेकिन टीम इंडिया के पांडे जी यानी कि मनीष पांडे भी कुछ कम बिजी नहीं हैं. मनीष पांडे फिलहाल क्वाड्रेंगुलर सीरीज खेल रहे थे जहां उनके हाथ में इंडिया B टीम की कमान थी. इस सीरीज का फाइनल मुकाबला इंडिया B और ऑस्ट्रेलिया A के बीच खेला गया, जिसमें धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर मनीष पांडे ने अपनी टीम को 9 विकेट से बड़ी जीत दिलाई. फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया A ने इंडिया B के सामने जीत के लिए 226 रन का लक्ष्य रखा जिसे पांडे जी के नाबाद 73 रन की बदौलत इंडिया B ने आसानी से हासिल कर लिया. कमाल की बात ये रही कि मनीष पांडे ने लॉन्ग ऑन पर छक्का जड़कर इस मुकाबले में अपनी टीम को जीत दिलाई और इसी छक्के के साथ विराट कोहली तक अपना पैगाम भी पहुंचा दिया. Also Read - Deodhar Trophy 2019: हनुमा विहारी, पार्थिव पटेल और शुभमन गिल होंगे इंडिया ए, बी, सी टीमों के कप्तान

पांडे जी चाहते हैं ‘पक्की’ जगह

मनीष पांडे का ये पैगाम दरअसल टीम इंडिया में उनकी जगह से जुड़ा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ फाइनल खेलने से पहले मनीष पांडे ने एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वो भारतीय वनडे टीम के मिडिल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं. बैंगलोर में ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ जीत का छक्का जड़कर मनीष पांडे ने अपनी उसी बात को विराट कोहली तक पहुंचाने की कोशिश की है.

मौके के इंतजार पसंद नहीं

मनीष पांडे का सलेक्शन तो भारतीय टीम में कई बार हुआ है लेकिन कभी कभार ही उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला. प्लेइंग इलेवन में ज्यादा मौके न मिलने की हताशा भारत के साउथ अफ्रीका दौरे पर मनीष पांडे के बयान में भी झलकी थी. उन्होंने कहा था, ” ईमानदारी से कहूं तो मौके के लिए इंतजार करना थोड़ा मुश्किल होता है और यह आपके दिमाग में घर कर जाता है. लेकिन यही क्रिकेट है.”

4 मैच 306 रन… तो करो जगह पक्की?

लेकिन, अब मनीष पांडे अगर-मगर के फेर में नहीं रहना चाहते. वो मौकों के लिए इंतजार नहीं करना चाहते. उनका इरादा भारत के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनने कहा है. क्वाड्रेंगलर सीरीज में खेले 4 मैचों में 306 रन बनाकर उन्होंने अपनी दावेदारी को दमदार तरीके से भारतीय थिंक टैंक के सामने रखा है. इसके दम पर सितंबर में होने वाले एशिया कप के लिए उनका चुना जाना तो पक्का है लेकिन असली सफलता तभी हाथ लगेगी जब उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने के लिए मौके का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.