काफी समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे बंगाल रणजी टीम के कप्तान मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) का कहना है कि टीम इंडिया से निकाले जाने के बाद वो तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) से सवाल पूछा चाहते थे लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग के दबाव की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाए। Also Read - 'मुझे टीम इंडिया में नहीं लेंगे चयनकर्ता क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं बूढ़ा हूं'

फैनकोड एप पर दिए गए इंटरव्यू में मनोज ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने देश के लिए शतक बनाकर मैन ऑफ द मैच लेने के बाद मैं अगले 14 मैचों तक प्लेइंग-11 में नहीं आऊंगा। लेकिन मैं इस बात का भी सम्मान करता हूं कि कप्तान, कोच और टीम मैनेजमेंट के भी अपने विचार होते हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर हमें उनके फैसलों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि उनकी अलग रणनीति हो।” Also Read - हरभजन सिंह ने टीम इंडिया में वापसी की भरी हुंकार, बोले- T20 तो खेल ही सकता हूं

उन्होंने कहा, “मुझे उस समय मौका नहीं मिला या यूं कहें कि मुझे में माही के पास जाने की हिम्मत नहीं थी, क्योंकि हम अपने सीनियरों का इतना सम्मान करते थे कि हम उनसे सवाल करने से बचते थे। इसलिए मैंने अभी तक उनसे सवाल नहीं किया।” Also Read - पाकिस्तानी कोच और मुख्य चयनकर्ता की ICC से गुहार, T20 वर्ल्ड कप को लेकर जल्दबाजी में ना करे कोई फैसला

तिवारी ने कहा कि जब वो राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स में धोनी के साथ खेल रहे थे, तब उन्होंने कप्तान से ये सवाल पूछने के बारे में सोचा था, लेकिन वो आईपीएल के दबाव को देखकर रुक गए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, “मैंने सोचा था कि बाद में कभी पूछूंगा।”

शॉ और अय्यर भविष्य के सितारे

मनोज ने मुंबई के पृथ्वी शॉ और श्रेयस अय्यर को भविष्य का सितारा बताया है। उन्होंने कहा, “अय्यर अगर कुछ मैचों में अच्छा नहीं भी करते हैं तो वह रहेंगे। उनके अलावा मैं शॉ को देखता हूं, अगर वह शांत रहकर आगे बढ़ते हैं और अनुशासन में रहते हैं तो निश्चित तौर पर वह काफी आगे जाएंगे।”