भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को हाल में इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (एफआईएच) ने साल 2019 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना. मनप्रीत ने इस पुरस्कोर को दिवंगत पिता के नाम किया है और कहा है कि इससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है. मनप्रीत इस पुरस्कार को जीतने वाले पहले भारतीय हैं. उनके लिए पिछला सीजन यादगार रहा जहां उनकी अगुआई में टीम ने 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया. Also Read - हॉकी इंडिया के वार्षिक पुरस्कार की दौड़ में मनप्रीत और रानी रामपाल शामिल

बेल्जियम और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को पछाड़ा Also Read - भारतीय पुरुष हाकी टीम ने हासिल की सर्वश्रेष्ठ चौथी रैंकिंग

बतौर मिडफील्डर मनप्रीत इस तरह 1999 में पुरस्कार शुरू होने के बाद इसे जीतने वाले पहले भारतीय बने. इस पुरस्कार की दौड़ में 27 साल के भारतीय खिलाड़ी ने बेल्जियम के आर्थर वान डोरेन और अर्जेंटीना के लुकास विला को पछाड़ा जो क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. राष्ट्रीय संघों, मीडिया, प्रशंसकों और खिलाड़ियों के संयुक्त मतों में मनप्रीत को 35.2 प्रतिशत मत मिले. Also Read - FIH मेन्स प्लेयर ऑफ द ईयर जीतने वाले पहले भारतीय बने मनप्रीत सिंह

‘पिता जिंदा होते तो उन्हें मुझपर गर्व करते’

मनप्रीत ने कहा, ‘मैं अपने परिवार और दोस्तों का शुक्रिया करना चाहूंगा जिन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया. वे मुझे पूरे करियर में प्रेरित करते रहे हैं. जाहिर है मैं अपने पिता को नहीं भूल सकता, अगर वह आज जिंदा होते तो मुझ पर गर्व कर रहे होते. यह पुरस्कार उनके उस समर्थन और सामर्थ के लिए है जो उन्होंने हमेशा मुझे दिया.’

मनप्रीत ने कहा कि इस पुरस्कार के मिलने से आगामी एफआईएच हॉकी प्रो लीग मैचों और टोक्यो ओलंपिक से पहले उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए एफआईएच साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी 2019 का पुरस्कार जीतना फख्र की बात है. इसने एफआईएच के आगामी मुकाबलों और टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ा दिया है.’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘पुरस्कार जीतने वाला पहला भारतीय बनने की अनुभूति शानदार है लेकिन इससे मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है. मुझे टीम को अच्छा करने में लगातार मदद करनी होगी. मनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम का हालिया प्रदर्शन संतोषजनक रहा है.