छह बार की विश्व चैंपियन भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम इस समय कड़ी मेहनत कर रही हैं। दरअसल, अगले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होना है। ऐसे में मैरीकॉम की नजर सातवीं बार वर्ल्ड चैंपियन बनने पर लगी हुई है।

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इस दिग्गज मुक्केबाज कहा कि नौवीं बार इस शीर्ष प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले वह ‘नर्वस’ हैं और ऐसा प्रतिस्पर्धा के कारण नहीं बल्कि देशवासियों की ओर से लगाई जा रही उम्मीदों की वजह से है।

वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6 गोल्ड और एक सिल्वर जीत चुकी हैं मैरीकॉम

मैरीकॉम ने अबतक जिन आठ विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है उनमें उन्होंने 6 स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। उन्होंने पिछली बार 2018 में दिल्ली में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।

आंकड़ों में तो वह इस प्रतियोगिता की सबसे सफल मुक्केबाज हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) से ‘मैग्निफिसेंट मेरी’ का तमगा भी मिला है।

रूस में 3 से 13 अक्टूबर तक आयोजित होगी वर्ल्ड चैंपियनशिप

रूस के उलान उदे में तीन से 13 अक्टूबर के बीच होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले मैरीकॉम ने कहा, ‘मैं हमेशा कहती हूं कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी लेकिन पदक की गारंटी नहीं दे सकती। मैं खुद से ही यही कहती हूं लेकिन दबाव हमेशा बना रहता है और इससे उबरने को लेकर दबाव बना रहता है। इससे आप नर्वस हो सकते हो।’

मैरीकॉम और अन्य भारतीय मुक्केबाज रविवार की सुबह रूस रवाना होंगे। उन्होंने कहा, ‘विश्व चैंपियनशिप मेरे लिए जाना पहचाना मंच है लेकिन प्रतिस्पर्धा हमेशा नई होती है। मैं इसके लिए तैयार हूं।’

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मैरीकॉम का 48 किग्रा में दबदबा रहा है। उन्होंने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य और 2014 में एशियाई खेलों में स्वर्ण इसी भार वर्ग में जीता था लेकिन उनका कोई भी विश्व खिताब 51 किग्रा में नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘मैंने दोनों भार वर्गों (48 और 51 किग्रा) में अच्छे परिणाम हासिल किये लेकिन दमखम हमेशा चुनौती रहती है। आगामी विश्व चैंपियनशिप के लिए भी मेरा इसी पर ध्यान है और मैं इसके लिए तैयार हूं। यह मेरे लिए नया भार वर्ग नहीं है लेकिन मैं फिर से दोहराना चाहूंगी कि परिणाम की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।’

बकौल मैरीकॉम ‘मैं केवल अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हूं और अगर मैं इसमें सफल रही तो स्वर्ण पदक जीतना मुश्किल नहीं है।’