गोल्ड कोस्ट: भारत की स्टार मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिये इंडोनेशिया में होने वाले एशियाई खेलों से बाहर रह सकती है. मैरी कॉम ने आज राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया. Also Read - साइकिलिस्ट बनने पर पछतावा है, मुझे अपनी पुरानी जिदंगी वापस चाहिए : स्वर्ण सिंह

उन्होंने जीत के बाद कहा, ‘मैं सोच रही हूं कि एशियाई खेलों में भाग नहीं लूं. मुझसे कहा गया तो मैं जाऊंगी लेकिन बाद में फैसला लूंगी. मुझे देखना है कि विश्व चैम्पियनशिप के लिये पूरी तरह फिट रहूं लिहाजा एशियाई खेलों से बाहर रहकर छोटा ब्रेक ले सकती हूं. एशियाई खेल अगस्त सितंबर में होने वाले हैं. Also Read - भारतीय फुटबॉल के ‘गोल्डन ब्वॉय’ रहेंगे चुन्नी गोस्वामी : फ्रैंको फोर्टुनाटो

पांच बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पिछले पांच महीने से लगातार खेल रही है. नवंबर में एशियाई चैम्पियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद जनवरी में इंडिया ओपन में स्वर्ण जीता और बुल्गारिया में फरवरी में स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया. इसके अलावा तैयारियों के लिये आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया गई थी. Also Read - किसान की बेटी मैरी कॉम ने मुक्केबाजी की दुनिया में भारत को दिलाई पहचान, जानें बॉक्सिंग क्वीन बनने की पूरी कहानी

मैरी कॉम ने कहा ,‘शरीर को आराम भी चाहिये. मैं एशियाई खेलों में भाग लेने से पूरी तरह से इनकार नहीं कर रही लेकिन मेरे जेहन में है कि इससे बाहर भी रह सकती हूं.’ विश्व चैम्पियनशिप इस साल नवंबर में दिल्ली में होनी है और मैरी कॉम इसका मुख्य आकर्षण होगी. भारत ने 2006 में महिलाओं की विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी की थी जिसमें मैरी कॉम ने स्वर्ण पदक जीता था. (इनपुट-एजेंसी)