नई दिल्ली : जब भारत में अधिकतर लोग नींद तोड़ने की कोशिश में होंगे, तब यहां से मीलों दूर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपना पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलेगा. इस खिलाड़ी को लम्बे इंतज़ार के बाद यह मौका नसीब हुआ. इसे लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास मैचों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम में शामिल होने के लिए इंतज़ार करना पड़ा. इसने अपनी करिश्माई बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है. हम बात कर रहे हैं मयंक अग्रवाल की. आइये जानते हैं कि क्यों मयंक टीम इंडिया में जगह के हकदार हैं…

मयंक ने साल 2017 में एक फर्स्ट क्लास मैच में कर्नाटक की तरफ से खेलते हुए महाराष्ट्र के खिलाफ नाबाद शतक जड़ा. वो इस प्रदर्शन की वजह से चर्चा में आए. उन्होंने 61.53 की स्ट्राइक रेट से 494 गेंदों में 304 रन बनाए. इसके बाद उन्होंने घरेलू मैचों में कुछ शानदार पारियां खेलीं. नतीजा यह रहा कि मयंक को आईपीएल 2017 के ऑक्शन में किंग्स इलेवन पंजाब ने 1 करोड़ में खरीदा. जबकि उनका बेस प्राइस 20 लाख रुपये था. मयंक ने 78 फर्स्ट क्लास पारियों में 8 शतकों और 20 अर्धशतकों मदद से 3599 रन बनाए.

कर्नाटक के इस तूफानी बल्लेबाज को भारतीय टीम में शामिल होने के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ा. उन्हें पहली बार इसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया. हालांकि किसी भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिल सका. भारत के ओपनिंग स्लॉट में जगह न होने की वजह से वह बेंच स्ट्रेंथ का हिस्सा बनकर रह गए. लेकिन किसी की प्रतिभा को कोई भी व्यक्ति ज्यादा समय तक नकार नहीं सकता. यही मयंक के साथ हुआ. टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मयंक की जरूरत महसूस हुई.

AUSvsIND: बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए तैयार भारत, प्लेइंग इलेवन में किए बड़े बदलाव

जब भारत के दिग्गज खिलाड़ी मुरली विजय और लोकेश राहुल शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में फ्लॉप हुए, तब टीम मैनेजमेंट ने मयंक को याद किया. उन्हें सीरीज के बचे दो मैचों के लिए बुलाया गया. दरअसल युवा खिलाड़ी पृथ्वी शॉ चोटिल हो गए हैं. लिहाजा मयंक को मौका मिलना लाज़मी था. मयंक पहला बार बॉक्सिंग डे पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंटरनेशनल टेस्ट खेलेंगे. यह उनके लिए किसी बड़े सपने के पूरा होने जैसा होगा.

मयंक के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने फर्स्ट क्लास मैचों के अलावा लिस्ट ए में भी शानदार प्रदर्शन किया है. मयंक ने 75 पारियों में 12 शतकों और 14 अर्धशतकों की मदद से 3605 रन बनाए. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 176 रन रहा. अग्रवाल ने नवम्बर 2013 में फर्स्ट क्लास में डेब्यू किया. उन्होंने पहली पारी में ही 90 रन बनाकर इरादे ज़ाहिर कर दिए. झारखंड के खिलाफ कर्नाटक के लिए खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया. इस वजह से उन्हें आगे मौके मिलते रहे.

27 साल के इस खिलाड़ी के करियर में उतार चढ़ाव भी काफी रहे. उनके लिए आईपीएल में शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही. मयंक ने सीजन 2011, 2012 और 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेला. इस दौरान 2013 में महज 67 रन बना सके. हालांकि इसके इससे पहले 2012 में 225 रन बनाए थे. जब कि इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स (नया नाम- दिल्ली कैपिटल्स) के लिए खेले. इसके बाद 2017 के ऑक्शन में उन्हें पंजाब ने 1 करोड़ में खरीदा.

बता दें कि मयंक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार (26 दिसंबर) से मेलबर्न में खेले जाने वाले टेस्ट मुकाबले से इंटरनेशनल डेब्यू मैच खेलेंगे. वो बतौर ओपनर प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए हैं. यह सीरीज का तीसरा मुकाबला है. इससे पहले खेले गए दो मैचों में दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता. लिहाजा दोनों ही टीमें एक-एक की बराबरी पर हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज किसके हिस्से में जाती है.