भारतीय क्रिकेट के घरेलू सर्किंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी जब मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) को राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिल पा रहा था तो पूर्व दिग्गज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने उनका हौसला बढ़ाया। बता दें कि 2018-19 सीजन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के दौरान मयंक ने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया। Also Read - 'मेरे लिए क्रिकेट के डॉन हैं MS Dhoni, इन्हें पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है'

ईएसपीएन क्रिकइन्फो पर संजय मांजरेकर के साथ वीडियोकास्ट में मयंक ने कहा, ‘‘मैं रन बना रहा था। रणजी सीजन और भारत ए के लिए भी काफी रन बनाए थे। मैने राहुल भाई से बात की। मैने बताया कि टीम में नहीं चुने जाने से निराश हो रहा हूं।’’ Also Read - अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण ने इस साल IPL आयोजन की उम्मीद जताई, जानिए पूरी डिटेल

भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके द्रविड़ ने भारतीय ए टीम और अंडर-19 टीम के कोच पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय टीम को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए, जिनमें पृथ्वी शॉ, शुबमन गिल और नवदीप सैनी का नाम शामिल है। फिलहाल ये दिग्गज बैंगलोर स्थित बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट अकादमी के डॉयरेक्टर पद पर काम कर रहा है। Also Read - लॉकडाउन में अंडर-19 खिलाड़ियों को मिली ये सीख, जानिए राहुल द्रविड़ की जुबानी

द्रविड़ ने उन्हें क्या सीख दी, इस बारे में मयंक ने कहा, ‘‘मुझे अच्छे से याद है कि उन्होंने कहा था कि मयंक ये चीजें तुम्हारे हाथ में नहीं है। तुमने मेहनत की और यहां तक पहुंचे। चयन तुम्हारे हाथ में नहीं है। मैं पूरी तरह से उनसे सहमत हूं। ये बातें सैद्धांतिक रूप से समझ में तो आती हैं लेकिन व्यवहारिक तौर पर इन्हें समझना मुश्किल होता है।’’

मयंक ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा था कि आने वाला समय पिछले से अलग नहीं होगा। अगर नकारात्मक सोच के साथ खेलोगे तो नुकसान तुम्हारा ही होगा। मुझे अभी भी उनकी बात याद है जो मेरे लिए प्रेरणा बनी। जब मैं टीम में चुना गया तो इतना खुश था। मैने उन्हें फोन करके धन्यवाद दिया।’’