नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों से कहा है कि वह धोनी को हल्के में लेने की गलती न करें. क्लार्क का यह बयान भारत को अपने घर में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2-3 से मिली हार के बाद आया है. इस सीरीज में आखिर के दो मैचों में धोनी नहीं खेले थे. उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज-विकेटकीपर ऋषभ पंत को टीम में मौका दिया गया था लेकिन वह संघर्ष करते दिखे.

क्लार्क ने सोशल मीडिया पर धोनी की अहमियत को बताते हुए कहा, “कभी भी धोनी की महत्ता को हल्के में नहीं लें, उनका अनुभव मध्यक्रम में काफी अहम है.” अपनी विकेटकीपिंग शैली के अलावा धोनी विकेट के पीछे से गेंदबाजों को निर्देश भी देते रहते हैं. चाइनामैन कुलदीप यादव एक ऐसे गेंदबाज हैं जिन्हें आखिरी दो मैचों में धोनी की कमी खली.

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गौरतलब है कि धोनी वर्ल्डकप 2019 में टीम इंडिया के लिए एक्सफैक्टर साबित होंगे. उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के काम आयेगा. टीम इंडिया ने धोनी की कप्तानी में ही टी-20 वर्ल्ड कप 2007 और वर्ल्ड कप 2011 में जीत हासिल की थी. इसके अलावा भारतीय टीम ने धोनी की कप्तानी में ही चैम्पियन्स ट्रॉफी में भी जीत हासिल की थी. लिहाजा भारत की टीम में धोनी का होना ही बड़ी बात होगी.

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बता दें कि धोनी ने वनडे इंटरनेशनल में कप्तानी के साथ-साथ बैटिंग और फील्डिंग में भी अद्भुत प्रदर्शन किया है. उन्होंने 289 वनडे पारियों में 10500 रन बनाए हैं. इस दौरान 10 शतक और 71 अर्धशतक जड़े हैं. धोनी का सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 183 रन है. इस दौरान उन्होंने 50.72 का औसत बरकरार रखा. इसके अलावा वो टी-20 इंटरनेशनल में भी कमाल दिखा चुके हैं.