महान तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग (Michael Holding) को लगता है कि दर्शकों से निश्चित रूप से किसी रोमांचक मुकाबले में उत्साह पैदा होता है लेकिन किसी भी खेल में मनोरंजन उसके स्तर से ही तय होता है जैसे इंग्लिश प्रीमियर लीग में कोविड-19 महामारी के बाद बहाली के बाद दिखाई दिया। Also Read - पाक बल्लेबाज बाबर आजम के पास विराट कोहली के स्तर तक पहुंचने की क्षमता है : आकाश चोपड़ा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड में आठ जुलाई से जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में दर्शकों के बिना बहाल होगा। Also Read - Lockdown Extended: गुवाहाटी में बढ़ाई गई लॉकडाउन की अवधि, अब 19 जुलाई तक चलेगी तालाबंदी

दर्शकों के नहीं होने से क्या क्रिकेट में उतना मनोरंजन और मजा नहीं होगा? इस पर होल्डिंग ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘किसी भी खेल में मनोरंजन उस खेल के खेलने के स्तर से तय होता है, स्टैंड में जो कुछ हो रहा है उससे नहीं।’’ Also Read - COVID 19 के हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी ने की बैठक, बोले- हर राज्य को अपनाना चाहिए दिल्ली मॉडल

होल्डिंग अपना ज्यादातर समय ब्रिटेन में बिताते हैं, उन्होंने इंग्लिश प्रीमियर लीग के मैचों का उदाहरण दिया कि खाली स्टेडियम में खेले जाने के बावजूद उसकी गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘दर्शक माहौल बनाने के लिए काफी अहम हैं लेकिन जैसे फुटबॉल जो ब्रिटेन में बहाल हो चुका है, मनोरजंन मैदान पर खेली गई फुटबॉल के स्तर से होता है।’’

गेंद को चमकाने के लिए लार के बैन को लेकर पूरी दुनिया में बहस चल रही है, लेकिन उनका मानना है कि ये इतनी बड़ी समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, मुझे लार पर बैन से कोई परेशानी नहीं दिखती। पसीना भी यही काम करता है लेकिन अगर गेंदबाज के मुंह में लार के अलावा भी कुछ हो तो बात अलग है। ’’

वो फील्डर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मीठी कैंडी या मिंट की बात कर रहे थे। ये पूछने पर कि क्या कोविड-19 से पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों से आगामी दिनों में टेस्ट क्रिकेट पर असर पड़ेगा क्योंकि बोर्ड ज्यादा से ज्यादा सफेद गेंद की बाईलैटरल सीरीज खेलना चाहेंगे तो उन्होंने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं दिखता कि इससे किसी भी क्रिकेट के प्रकार को प्रभावित होना चाहिए।’’

उनका मानना है कि क्योंकि कमाई का मुख्य स्रोत टीवी प्रसारण राशि है तो लाइव मैचों की संख्या के दिनों से इसका निपटारा हो जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट बोर्डों की ज्यादातर कमाई टीवी अनुबंध से होती है। इससे क्रिकेट के दिनों की संख्या से ये मामला सुलझ जाएगा। ’’