क्या आपने क्रिकेट में कभी ऐसा नजारा देखा है, जब मिडिल स्टंप उखड़ जाए लेकिन फिर भी दोनों गिल्लियां जस की तस ही बाकी दो स्टंपों पर टिकी रह जाएं! जी हां, ऐसा ही कुछ हुआ ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट के मैच के दौरान.

शनिवार को मेलबोर्न के उत्तर पश्चिम में विंटर कॉम्पटिशन के दौरान मूनी वैली और स्ट्रैथमोर हाइट्स की टीमों के बीच खेले गए मैच के दौरान ये अद्भुत नजारा देखने को मिला. मूनी वैली के बल्लेबाज जतिंदर सिंह का मिडिल स्टंप तो उखड़ गया लेकिन फिर भी दोनों गिल्लियां अपनी जगह से हिली ही नहीं और बाकी दोनों स्टंपों पर टिकी रह गईं.

इससे अंपायर भी असमंजमस में पड़ गए कि आखिरी जतिंदर को आउट करार दिया जाए या नॉट आउट? लेकिन काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने बल्लेबाज जतिंदर सिंह को आउट करार दिया.

क्रिकेट के नियम 28 के मुताबिक, गिल्लियों के स्टंप से हटकर पूरी तरह से गिरने पर ही बल्लेबाज को आउट दिया जाता है. यानी कि सिर्फ गिल्लियों के अपनी जगह से हिलने पर बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता है, इसके लिए गिल्लियों का स्टंप से हटना या यूं कहें कि गिर जाना जरूरी है.

इस नियम के और विस्तार में जाएं तो इसमें लिखा है कि अगर गिल्लियां अपनी जगह से हटने के बावजूद टूटे हुए स्टंप पर भी टिकी रह गईं तो स्टंप्स को गिरा हुआ नहीं माना जाएगा. तो फिर जतिंदर को आउट कैसे दिया गया, जबकि वहां तो दो स्टंप सही सलामत थे और गिल्लियां गिरी भी नहीं थीं.

दरअसल नियम 28 के पहले ही पैरा में ये भी लिखा है कि विकेट को तब गिरा माना जाएगा अगर ‘विकेट जमीन से उखड़ जाएगा’, तो इस तरह से दुर्भाग्यवश जतिंदर सिंह गिल्लियां नहीं गिरने के बावजूद आउट हो गए.