मीरपुर (बांग्लादेश): भारत ने बुधवार को शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में जारी तीसरे और आखिरी एकदिवसीय मैच में मेजबान बांग्लादेश के सामने 318 रनों का लक्ष्य रखा है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में छह विकेट खोकर 317 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी दस ओवरों में 90 रन जोड़े। यह भी पढ़े:मीरपुर एकदिवसीय : बांग्लादेश ने टॉस जीता, गेंदबाजी का फैसला

कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (69) और अंबाती रायडू (44) के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 93 रनों की साझेदारी ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर करने में अहम भूमिका निभाई। सुरेश रैना ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से तेजतर्रार 38 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। शुरुआती दो मैच हारकर श्रृंखला गंवाने के बाद सम्मान बचाने उतरी भारतीय टीम को पहला झटका सातवें ओवर की आखिरी गेंद पर लगा, जब सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (29) मुस्ताफिजुर रहमान की गेंद पर विकेटकीपर लिटन दास को कैच थमा बैठे।

रोहित ने 29 गेंदों की पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया। इस श्रृंखला में तीसरी बार मुस्ताफिजुर ने रोहित को पवेलियन भेजा। इसके बाद सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (75) का साथ निभाने आए विराट कोहली (25) ने दूसरे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी कर टीम को 100 रनों के पार पहुंचाया। शाकिब अल हसन ने 20वें ओवर में कोहली की गिल्लियां बिखरे दीं और बांग्लादेश को दूसरी सफलता दिलाई।

पिछले मैच की तरह इस बार भी धौनी ने बल्लेबाजी क्रम में ऊपर चौथे स्थान पर उतरने का फैसला लिया और धवन के साथ तीसरे विकेट के लिए 42 गेंदों में 44 रनों की साझेदारी की। इससे पहले कि यह साझेदारी ज्यादा खतरनाक होती, मेजबान टीम के कप्तान मशरफे मुर्तजा ने धवन को नासिर हुसैन के हाथों कैच कराकर भारत को तीसरा झटका दे दिया। धवन ने 73 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए।

धवन के पवेलियन लौटने के बाद हालांकि रायडू और धौनी ने बड़ी साझेदारी कर भारतीय टीम को स्थिरता प्रदान की। धौनी ने 77 गेंदों की पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। स्टुअर्ट बिन्नी 11 गेंदों में दो चौकों की मदद से 17 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। बांग्लादेश की ओर से मशरफे मुर्तजा ने सर्वाधिक तीन विकेट हासिल किए। पिछले दो मैचों में कुल 11 विकेट हासिल कर चुके मुस्ताफिजुर ने दो सफलताएं हासिल कीं।