इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चार दिवसीय टेस्ट के प्रस्ताव पर कई दिग्गज अपनी राय रख चुके हैं. इस समय वर्ल्ड क्रिकेट में इसकी चर्चा जोरों पर है. इन दिग्गजों में अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता मिस्बाह उल हक का नाम भी जुड़ गया है.

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मिसबाह ने चेताया है कि अगर टेस्ट मैच को चार दिवसीय कर दिया जाता है तो इससे तेज गेंदबाजों की चोटों का जोखिम भी बढ़ जाएगा.

सबाह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की वेबसाइट पर जारी वीडियो में कहा, ‘एक तेज गेंदबाज अब एक पारी में आमतौर पर 17 से 18 ओवर तक गेंदबाजी करता है लेकिन अगर चार दिन का टेस्ट हो जाएगा तो उसके ऊपर गेंदबाजी का भार बढ़ जाएगा जो 20 से 25 ओवर तक हो जाएगा. इससे उसके चोटिल होने का जोखिम बढ़ जाएगा और सबसे अहम बात ज्यादा ओवर गेंदबाजी करने से उसकी गेंदबाजी की धार भी कम हो जाएगी.’

इससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली, महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर रिकी पोंटिंग व स्टीव वॉ आईसीसी के पारंपरिक प्रारूप में छेड़छाड़ के प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं.

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आईसीसी मार्च में इस प्रस्ताव पर आधिकारिक तौर पर चर्चा कर निर्णय लेगा. क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ये बदलाव वर्ष 2023 के बाद और टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए करना चाहती है. ऐसा करने से उसके पास कई दिन आईसीसी टूर्नामेंट के आयोजन के लिए बढ़ जाएंगे.

बकौल मिस्बाह, ‘लोग तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क, नसीम शाह, पैट कमिंस, जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाजों को पूरी रफ्तार में गेंदबाजी करते हुए देखना चाहते हैं. अगर उन्हें ज्यादा ओवर गेंदबाजी करनी होगी तो उनकी रफ्तार में कमी आएगी.’