पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) ने अपने कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास (Mohammad Amir Retirement) के लिए टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है. इस युवा तेज गेंदबाज ने मुख्य कोच मिस्बाह उल हक (Misbah Ul Haq) और तेज गेंदबाजी कोच वकार यूनिस (Waqar Younis) की भी आलोचना की है.Also Read - India vs Pakistan सीरीज की मेजबानी चाहता है UAE, Mohammad Amir ने किया स्वागत

आमिर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि उनकी समस्या मिसबाह और वकार को लेकर थी. 28 वर्षीय आमिर ने कहा, ‘ये लोग धीरे-धीरे लोगों के दिमाग में जहर भरने की कोशिश कर रहे थे कि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहता हूं और केवल पैसे कमाने के लिए टी20 लीग खेलना चाहता हूं. उन्होंने यह धारणा बनाई कि मैंने तमाम उम्मीदों के बावजूद टीम को नीचा दिखाया.’ Also Read - हैदर-रिजवान की शानदार साझेदारी की बदौलत तीसरे टी20 में बांग्लादेश को हरा पाकिस्तान ने सीरीज 3-0 से जीती

इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘उन्होंने मेरी छवि खराब करने की कोशिश की. आपको अपनी छवि बनाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है. आमिर ने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत मुश्किल फैसला था लेकिन मुझे लगा कि समय आ गया है, जबकि चुप नहीं रहना चाहिए. मैंने यह मसला उठाने और लोगों को सच्चाई से अवगत कराने के लिए यह फैसला किया.’ Also Read - पीसीबी के 'हाई परफॉर्मेंस सेंटर' से खुश नहीं हैं अध्यक्ष रमीज राजा, हो सकता है बड़ा बदलाव

उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद मैंने खुद को सीमित ओवरों के मैचों के लिए उपलब्ध रखा था लेकिन जब मौजूदा टीम प्रबंधन ने जिम्मा संभाला तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया.’

आमिर ने कहा, ‘निश्चिततौर पर मैं दुखी था, जब उन्होंने न्यूजीलैंड दौरे के लिए 35 खिलाड़ियों में भी मुझे नहीं चुना. अगर मैं केवल लीग में खेलने पर ध्यान दे रहा होता तो मुझे न्यूजीलैंड दौरे से बाहर किए जाने पर बुरा नहीं लगता और मैं प्रतिक्रिया भी नहीं करता.’

इनपुट: भाषा