कराची: पाकिस्तान के पूर्व हरफनमौला अब्दुल रज्जाक ने दावा किया है कि वनडे टीम के तत्कालीन कप्तान शाहिद अफरीदी से थप्पड़ खाने के बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने स्पॉट फिक्सिंग में संलिप्तता कबूल की थी, जबकि सलामी बल्लेबाज सलमान बट 2011 के इंग्लैंड दौरे से पहले ही इस तरह के भ्रष्टाचार में शामिल थे. पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को धूमिल करने वाली इस घटना का जिक्र रज्जाक ने जीएनएन चैनल से किया.Also Read - T20 World Cup 2021 India Vs Pakistan: शोएब अख़्तर का विश्लेषण, रोहित शर्मा ग्रेट प्लेयर और सचिन तेंदुलकर ग्रेटेस्ट प्लेयर| Watch Video

बता दें कि बट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था. तीनों खिलाड़ियों ने अपना निलंबन पूरा कर लिया है और अब क्रिकेट के मैदान पर वापसी कर चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम के लिए सिर्फ आमिर का चयन हुआ है, जो विश्व कप की टीम का हिस्सा हैं. Also Read - T20 विश्व कप: पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट बने मेंटोर MS Dhoni

रज्जाक ने बताया कि बट्ट इस मामले के सामने आने से पहले ही फिक्सिंग से जुड़े थे और जान बूझकर डॉट बॉल खेला करते थे. उन्होंने कहा, “मैंने अफरीदी से इस बारे में अपनी चिंता जाहिर की थी, लेकिन उन्होंने कहा था कि यह मेरा वहम है और कुछ भी गलत नहीं हो रहा है. लेकिन, जब मैं टी-20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ बट्ट के साथ बल्लेबाजी कर रहा था, तब मुझे पक्का यकीन हो गया कि वह टीम को नीचा दिखा रहा है.” Also Read - T20 विश्व कप के सुपर-12 में पहुंचकर नामिबिया ने रचा इतिहास; देश के ओलंपिक विजेता ने कहा- हमें अपनी टीम पर गर्व है

रज्जाक ने कहा, मैंने उससे कहा कि मुझे स्ट्राइक दो तो उन्होंने इस बात पर मना कर दिया, जिसे सुनकर मुझे हैरानी हुई और तब मुझे अहसास हुआ कि ये क्या कर रहा है. हर ओवर में वह जानबूझ कर दो-तीन गेंद खाली खेल रहा था और इसके बाद मुझे स्ट्राइक देता था. मुझे गुस्सा आ गया था और मैं दबाव में आउट हो गया था. ”

रज्जाक ने कहा, अफरीदी ने मुझे कमरे से बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन थोड़ी देर बाद मैंने थप्पड़ की गूंज सुनी और फिर आमिर ने सच्चाई बयां की. इस हरफनमौला ने हालांकि स्थिति से ठीक से नहीं निपटने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, पीसीबी अपनी कार्यकुशलता साबित करने के लिए आईसीसी के पास चला गया, लेकिन उसे ऐसा करने की बजाय खुद ही तीनों खिलाड़ियों से बात कर घर वापस भेज देना चाहिए था और एक साल या कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा देना चाहिए था. ऐसा नहीं करके पीसीबी ने दुनिया भर में पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को खराब किया.

रज्जाक ने दावा किया कि बट इंग्लैंड की घटना से पहले ही जानबूझ कर आउट हो रहे थे. उन्होंने कहा, मैंने अपनी चिंताओं से अफरीदी को अवगत कराया था लेकिन उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरा वहम है और ऐसा कुछ नहीं है. लेकिन वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप के दौरान जब मैं बट के साथ बल्लेबाजी कर रहा था, तभी इस बात को लेकर आश्वस्त था कि वह जानबूझ कर खराब प्रदर्शन कर रहा है. रज्जाक ने बताया कि उन्होंने बट से एक रन लेकर उन्हें स्ट्राइक देने को कहा लेकन बट ने अनसुना कर दिया.

रज्जाक ने कहा, ”उन्होंने इस रणनीति को अनसुना कर दिया, जिसे देखकर मैं आश्चर्यचकित था. तब मुझे लगा कि वह जानबूझकर ऐसा कर रहा है और फिर मैंने कड़ाई से उसे स्ट्राइक देने को कहा. इसके बाद भी वह दो-तीन गेंद खेलकर मुझे स्ट्राइक देता था. मुझे इससे निराशा हुई और दबाव में मैं आउट हो गया.”