मैच फिक्सिंग के मामले में पांच साल का बैन झेल चुके बांग्लादेश के पूर्व कप्तान मोहम्मद अशरफुल का कहना है कि शाकिब अल हसन ने तो केवल फिक्सिंग से जुड़े लोगों के बारे में आईसीसी को नहीं बताया जबकि मैंने तो पूरी तरह से फिक्सिंग की थी. Also Read - IPL 2021, RCB vs RR: आरसीबी से मिली 10 विकेट से करारी शिकस्त, Sanju Samson ने गिनाए हार के कारण

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ईएसपीएन क्रिकइन्‍फो से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा आईसीसी का शाकिब अल हसन पर लगाया गया दो साल का बैन पूरी तरह से स्‍तब्‍ध करने वाला है. “बीसीबी को अपने इस शीर्ष ऑलराउंडर को इससे जुड़ी नकारात्‍मक खबरों से बचाया होगा ताकि उन्‍हें वापसी में ज्‍यादा दिक्‍कतें नहीं आए.”

उन्‍होंने शाकिब का समर्थन करते हुए कहा कि अगले 12 महीने उनके लिए काफी मुश्किल होने वाले हैं. शाकिब को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है जिसमें से एक साल की सजा निलंबित है.

अशरफुल ने पांच साल के बैन के बाद बांग्‍लादेश के प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी की है. उन्‍होंने कहा मेरा और शाकिब का मामला पूरी तरह से अलग है. शाकिब ने केवल फिक्सिंग को लेकर संपर्क किए जाने की जानकारी नहीं दी जबकि मैं मैच फिक्सिंग से पूरी तरह जुड़ा था. लेकिन यह व्यवस्था के लिए स्तब्ध करने वाला है.’’

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आईसीसी ने शाकिब अल हसन को कथित भारतीय सट्टेबाज दीपक अग्रवाल द्वारा तीन बार संपर्क किए जाने की जानकारी नहीं देने का दोषी पाया गया है. इसमें से एक बार संपर्क आईपीएल के दौरान अप्रैल 2018 में किया गया था.

अशरफुल पर बांग्‍लादेश प्रीमियर लीग 2014 में मैच फिक्सिंग के मामले में लिए पांच साल के प्रतिबंध लगा था. उन्‍होंने कहा, ‘‘मैंने पहले छह महीने में सोते हुए अधिक समय बिताया. मैं पूरी रात टीवी देखता था और फिर दोपहर लगभग दो बजे उठता था. इसके बाद मैं हज पर गया, जिसने मुझे नया नजरिया दिया. मैं हमेशा सोचता था कि क्या मैं दोबारा खेल पाऊंगा, मुख्य रूप से अपनी उम्र के कारण. उस वक्‍त मैं 30 साल का था. बोर्ड शाकिब की मदद कर रहा है. मुझे समर्थन मिला लेकिन उतना नहीं जितना शाकिब को मिल रहा है. ’’

अशरफुल ने कहा, ‘‘मैं नए लोगों से मिला, नया अनुभव हासिल किया. शाकिब को ऐसी किसी चीज का सामना नहीं करना होगा. उसे मीरपुर में ट्रेनिंग की स्वीकृति मिली है. उसे मेरी तरह किसी समस्या का सामना नहीं करना होगा.’’