भारत ने मोहम्मद कैफ की अगुआई में साल 2000 में पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. उस विश्व कप में युवराज सिंह भी टीम इंडिया के हिस्सा थे. दोनों खिलाड़ी विश्व कप के बाद सीनियर टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे. हाल में प्रियम गर्ग की अगुआई में टीम इंडिया फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रही थी. प्रियम के मुताबिक अगर उनसे ये पूछा जाए कि अंडर-19 में उनका बेस्ट कैप्टन कौन रहा है तो उन्हें कैफ का नाम लेने में कोई झिझक नहीं होगी. Also Read - शोएब अख्तर ने कहा- कट या पुल शॉट नहीं खेल पाते हैं विराट कोहली

भारत ने 2008 में विराट कोहली, 2012 में उन्मुक्त चंद जबकि 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. Also Read - ब्रेट ली की गुजारिश : ऑस्ट्रेलिया नहीं पाकिस्तान, वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरे शतक लगाएं रोहित शर्मा

वर्तमान में भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान प्रियम ने ये बात सोशल मीडिया ‘हेलो’ एप के लाइव सेशन के दौरान स्वीकारी. प्रियम से जब पूछा गया कि अंडर-19 में आपका बेस्ट कप्तान कौन है, इसपर उन्होंने कहा, ‘ मोहम्मद कैफ. जिनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार जूनियर वर्ल्ड कप अपने नाम किया.’ प्रियम ने इस दौरान युवराज सिंह को भी याद किया जो टीम के हिस्सा थे. भारत ने कुल 4 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीते हैं. Also Read - WATCH: रोहित शर्मा ने जिम का वीडियो पोस्ट कर उड़ाया युजवेंद्र चहल का मजाक

कुलदीप को बताया बेस्ट स्पिनर

19 वर्षीय प्रियम ने मौजूदा टीम इंडिया में चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को बेस्ट स्पिनर बताया. उन्होंने जसप्रीत बुमराह को टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज करार दिया. 12 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके प्रियम से जब मौजूदा टीम इंडिया में सर्वश्रेष्ठ ओपनर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा का नाम लिया. प्रियम का कहना है कि वह रोहित की तरह खेलने की प्रैक्टिस करते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों का गेम टाइमिंग पर आधारित है.

बकौल प्रियम, ‘अगर टाइमिंग और शॉट खेलने की बात की जाए तो रोहित शर्मा से बेहतर कोई नहीं. रोहित के खेलने का अंदाज ही अलग है. मैं उनकी तरह खेलने की प्रैक्टिस करता हूं.’

‘स्लेजिंग खेल का हिस्सा है’

प्रियम ने कहा कि स्लेजिंग खेल का हिस्सा है जो विपक्षी टीम आपका ध्यान भंग करने के लिए करती है. वैसे हम भी इसको आजमाने से नहीं हिचकिचाते. यदि विपक्षी खिलाड़ी मुझे स्लेज करते हैं तो मैं एक स्थान पर खड़ा रहकर उनकी बातों को नहीं सुनता, बल्कि उसे अनसुना कर इधर-उधर चलने लगता हूं या फिर अपने पार्टनर से दूसरे छोर पर जाकर बात करता हूं.’