भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और मोहम्मद कैफ (Mohammd Kaif) का नाम साथ में लिया जाता है तो सबसे पहले यादों में 2002 में लॉर्डस मैदान पर खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल की ऐतिहासिक जीत आती है जो भारत ने 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दर्ज की थी। कैफ ने उस मैच को याद करते हुए कहा कि युवराज के आउट होने के बाद उन्हें लगा था कि भारत मैच हार गया। Also Read - चहल पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी के इस्‍तेमाल के मामले में युवराज सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज, पुलिस ने...

भारत ने हालांकि इस मैच में इंग्लैंड को दो विकेट से हराया था। युवराज और कैफ ने इस मैच में मुश्किल समय में छठे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी की थी। यह साझेदारी उस समय आई थी जब भारत ने अपने पांच विकेट 146 रनों पर ही खो दिए थे। कैफ 87 रनों पर नाबाद रहकर टीम को जीत दिलाने में सफल रहे थे। Also Read - ट्विटर पर #युवराज_सिंह_माफी_मांगो कर रहा ट्रेंड, जानिए वजह

कैफ ने युवराज के साथ इंस्टागराम लाइवचैट में कहा, “जब आप (युवराज) आउट हो गए थे, तब मुझे लगा कि मैच गया। मुझे नहीं लग रहा था कि हम मैच जीतेंगे। मैं सेट था और आप वहां थे तो मुझे लगा था कि अगर हम आखिर तक खेलेंगे दो मैच जीत जाएंगे। लेकिन आप आउट हो गए और भारत ने उम्मीदें खो दीं। मेरा दिल टूट गया था।” Also Read - WATCH: युवराज ने आंख पर पट्टी बांधकर बेलन से लगाया 'सैकड़ा', बोले- सचिन पाजी अब ये करके दिखाओ

भारत आखिरकार मैच जीता और कप्तान गांगुली ने लॉडर्स की बालकनी से टी-शर्ट उतार कर लहराई। गांगुली की इस बात को भी हमेशा याद किया जाता है।